कैदियों के फरार होने की घटनाओं को रोकने तथा बंदियों को पेशी पर लाने और ले जाने के खर्च पर अंकुश लगाने के लिए जिला पुलिस ने योजना तैयार की है।
इसके तहत सब जेल कैथू में रखे गए आरोपियों को पेशी के लिए जिला कचहरी चक्कर में नहीं ले जाया जाएगा। आरोपियों को सब जेल से ही कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश किया जाएगा।
वर्तमान में एक आरोपी को कोर्ट तक पेशी में ले जाने के लिए छह पुलिस कर्मी तैनात किए जाते हैं। स्टाफ की कमी के चलते रोजाना कई पुलिस कर्मियों को इसी काम के लिए तैनात किया जाता है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा शुरू होने से छह पुलिस कर्मियों को कोर्ट भेजने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने बताया है कि जल्द ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये आरोपियों को कैथू जेल से कोर्ट में पेश किया जाना शुरू किया जाएगा।
सरकार का प्रयास है कि जेलों में बंद कैदियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हो। इससे पेशी पर जाने वाले कैदियों के साथ जाने वाले भारी पुलिस बल से राहत मिलेगी। साथ ही सरकारी धन भी कम खर्च होगा।