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Himachal: राज्य सरकार की राय से ही तय होंगे कृषि व बागवानी विश्वविद्यालय के कुलपति, विधेयक पारित

Wed, 20 Aug 2025 11:16 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

सदन में हिमाचल प्रदेश कृषि, उद्यानिकी एवं वानिकी विवि संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक का प्रारूप भी वही है जो साल 2023 में पारित किया था।
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हिमाचल विधानसभा शिमला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में कृषि और बागवानी विवि के कुलपतियों की नियुक्ति अब राज्य सरकार की राय से ही होगी। वीसी की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार नियम बनाएगी। मंगलवार को सदन में हिमाचल प्रदेश कृषि, उद्यानिकी एवं वानिकी विवि संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक का प्रारूप भी वही है जो साल 2023 में पारित किया था। विधेयक के पारण से पहले वर्ष 2024 के हिमाचल प्रदेश कृषि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को वापस ले लिया गया। वर्ष 2023 में सरकार ने हिमाचल प्रदेश कृषि, उद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम की धारा-24 में संशोधन करते विधेयक पेश किया था। इसे सदन में पारित होने के बाद राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया।

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यह राज्यपाल की मंजूरी के लिए लंबित था। इस पर राज्यपाल ने कुछ आपत्तियां लगाकर सरकार को भेजा। आपत्तियों को दुरुस्त कर साल वर्ष 2024 में इसी से संबंधित एक और विधेयक को सदन में पेश किया गया और पारित करवाया गया। वर्ष 2023 के विधेयक में धारा 24 में यह प्रावधान जोड़ा गया था कि विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति राज्य सरकार की मदद और सलाह से की जाएगी। नियुक्ति उस तरीके से होगी, जैसा कि नियमों में प्रावधान होगा। नियम स्वाभाविक रूप से विधेयक के कानून बन जाने के बाद सरकार की ओर से ही बनाए जाने थे।

इसकी उपधारा दो का लोप किया गया तो उस पर राज्यपाल ने आपत्ति की। धारा दो को लोप किए जाने के स्थान पर इसे उच्च कृषि शैक्षणिक संस्थान मॉडल एक्ट 2023 के अनुसार करने की बात कही गई है। इसके अनुसार सर्च कमेटी के चयन के तहत कुलपति कृषि विज्ञान में शिक्षाविद् होना चाहिए। कमेटी में एक नॉमिनी आईसीएआर का डीजी अथवा डीडीजी के स्तर का अधिकारी होगा। एक अन्य नॉमिनी हिमाचल सरकार का प्रतिनिधि होगा, लेकिन वह कुलपति से नीचे की रैंक का नहीं होगा। एक अन्य नॉमिनी चांसलर यानी राज्यपाल का होगा, जो कुलपति से नीचे के स्तर का नहीं होगा। इसके बाद यह विधेयक भी राज्यपाल को भेजा गया तो इसे राजभवन ने राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा। वहां यह लंबित था। इसी बीच, 29 जुलाई 2025 की कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि इसे वापस लेकर 2023 के विधेयक को दोबारा पारित करवाया जाए।
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वीसी की नियुक्ति को लेकर राजभवन और सरकार में टकराव
 हिमाचल प्रदेश में कई दिनों से राजभवन और राज्य सरकार में कुलपति की नियुक्ति को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है। राजभवन की ओर से दोनों विश्वविद्यालयों में वीसी की नियुक्ति का विज्ञापन नोटिस जारी कर दिया गया था, मगर सरकार ने इसे रद्द कर दिया था। इसके बाद राजभवन ने विज्ञापन नोटिस की अवधि बढ़ाकर आवेदन भेजने की तिथि बढ़ा दी थी। इसी बीच, मामला हाईकोर्ट में गया, वहां से भी इस विज्ञापन नोटिस पर रोक लगी है। अब मंगलवार को विधानसभा में 2023 के विधेयक का पुनः पारण किया गया।
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