शिमला। श्री वाल्मीकि सभा शिमला कृष्णानगर ने सैहब कर्मचारियों के प्रति शिमला नगर निगम के उदासीन और मजदूर विरोधी रवैये की कड़ी निंदा की है। सभा के महासचिव जोगिंद्र सिंह ने कहा कि सैहब श्रमिकों की चल रही हड़ताल का सभा पूर्ण और बिना शर्त समर्थन करती है। दलित वर्ग से ताल्लुक रखने वाले समर्पित सफाई कर्मचारी वर्षों से बेहद कठिन परिस्थितियों में शिमला की गलियों और नालियों की सफाई कर रहे हैं और लोगों का कूड़ा अपनी पीठ पर उठा कर उनकी सेवा कर रहे है। नगर निगम ने उनकी वेतन वृद्धि को रोककर और उन्हें उचित मजदूरी से वंचित करके शोषण का सहारा लिया है, यह बेहद अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य है। नगर निगम 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि को तत्काल बहाल करें। उन्होंने नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि वे तत्काल हस्तक्षेप करें और सैहब कर्मियों की वास्तविक मांगों को स्वीकार करके मामले को हल करें। संवाद