शिमला। सनातन धर्म सभा की ओर से गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं को राजा परीक्षित की कहानी सुनाई गई। कथा में भागवत व्यास अमित बटुक ने बताया कि परीक्षित ने अभिमान और अज्ञानवश श्रमिक मुनि के कंठ में मरा हुआ सर्प डाल दिया था जिससे संत का अपमान हुआ था। फलस्वरूप श्रृंगी ऋषि ने परीक्षित को कहा कि सात दिनों में तक्षक सर्प के काटने से तुम्हारी मृत्यु होगी। इसके बाद परीक्षित सब कुछ त्याग कर गंगा किनारे ध्यान में बैठ गए जहां स्वयं सुखदेव ने कई दिनों तक निरंतर श्रीमद् भागवत कथा को परीक्षित को अमृत पान कराया। इससे परीक्षित को भगवान के धाम की प्राप्ति हुई। सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि यह कथा 23 मई तक चलेगी। वहीं 24 मई को मंदिर में एक विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। संवाद