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Uttarkashi Tunnel Accident: बेटे विशाल की पहले उतारी आरती, फिर पहनाया हार, गले लगाते ही रोने लगीं मां उर्मिला

Fri, 01 Dec 2023 07:25 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में 17 दिन तक फंसे रहने के बाद सुरक्षित बाहर निकले 20 वर्षीय विशाल शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के मंडी में बल्ह घाटी के बंगोट गांव स्थित अपने घर पहुंचे।
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बेटे विशाल की पहले उतारी आरती, फिर पहनाया हार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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17 दिनों तक उत्तराखंड की सिलक्यारा टनल में फंसे रहने के बाद शुक्रवार को मंडी जिले के बल्ह घाटी के बंगोट गांव का विशाल सुरक्षित अपने घर पहुंच गया। विशाल के आने पर परिजनों और ग्रामीणों ने खूब पटाखे फोड़े। घर पहुंचने पर मां उर्मिला ने बेटे विशाल की आरती उतारी। इसके बाद रुपयों का हार पहनाया। बेटे को गले लगाकर दुलार किया। इसी के साथ उर्मिला फूट-फूट कर रोने लग गईं। बेटे को अपने आंचल में सुरक्षित पाकर उर्मिला ने संतोष जताया। इसी के साथ मां के दिल को तसल्ली भी मिल गई। इस दौरान हर किसी की आंख नम हो गई। विशाल के सुरक्षित लौटने पर परिजनों ने ढेर सारी तैयारियां कीं।

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घर को सजाया गया और विशाल के आने पर पटाखे फोड़े गए। इससे पहले ढोल की थाप पर परिजन और ग्रामीण खूब झूमे। बाद में मां उर्मिला ने कहा कि बेटे के सुरक्षित घर पहुंचने पर खुशी का ठिकाना नहीं है। उन्होंने सरकार से कहा है कि वह अपने बेटे को अब वापस नहीं भेजना चाहती हैं। उर्मिला ने कहा कि बेटे को स्थानीय स्तर पर ही नौकरी दे दी जाए। इसके अलावा कोई मांग नहीं है। कहा कि बेटे को उसकी पसंदीदा पकवान खिलाए जाएंगे। वहीं, पिता धर्म सिंह ने कहा कि बेटा सुरक्षित घर आ गया है। इससे अधिक खुशी का पल और क्या हो सकता है। यह लम्हे परिवार के लिए बेहद अहम है। दादी गरवर्धनू ने कहा कि विशाल की सलामती के लिए सभी ने प्रार्थना की। उन्होंने रेस्क्यू करने वालों का आभार किया और उन्हें आशीर्वाद दिया।

फिर दिवाली जैसा माहौल बना
विशाल के घर पहुंचने के बाद बंगोट गांव में एक बार फिर से दिवाली जैसा माहौल बन गया। भजनों के जरिये भगवान का शुक्रिया करते हुए विशाल का स्वागत हुआ। परिजनों ने बेटे की वापसी पर खुशी में मिठाई बांटी। स्थानीय ग्रामीण भी इस जश्न में शामिल हुए और विशाल का कुशलक्षेम जाना।

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मोदी है तो मुमकिन है... के लगे नारे
विशाल की घर वापसी के दौरान बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी, मंडी जिला भाजपा अध्यक्ष निहाल चंद व अन्य भी शामिल रहे। विशाल के घर पहुंचते ही मोदी है तो मुमकिन है के नारे लगे।
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सो कर और पारंपरिक खेल खेलकर गुजारा समय
विशाल ने बताया कि ड्यूटी खत्म करने के बाद लौटती बार उन्हें मालूम हुआ कि रास्ता बंद हो गया है। मलबा कितना है और कितनी दूरी तक है, इसका अंदाजा नहीं था। विपरीत परिस्थितियों में सभी ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए समय गुजारा। अधिकतर समय सो कर, टहलने, एक-दूसरे से बातचीत व पारंपरिक खेल खेलने में गुजरता था। अंदर गुजारे समय का भी आनंद लेने का प्रयास किया, ताकि नकारात्मक ख्याल दिल में न आएं। परिजनों से मिलने के बाद विशाल ने कहा कि हिमाचल में ही नौकरी मिल जाए तो बेहतर है। अब दोबारा वहां जाने का मन नहीं है।
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