उधर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने कहा कि जयराम ठाकुर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। वे भाजपा या कांग्रेस के मुख्यमंत्री नहीं हैं। लोकतंत्र में किसी भी पार्टी का कार्यकर्ता या पदाधिकारी मुख्यमंत्री से मिल सकता है। पूर्व सीपीएस उर्मिल ठाकुर का कहना है कि उनकी आगामी रणनीति क्या होगी, यह आने वाला समय और जिले की जनता तय करेगी। फिलहाल, उचित समय का इंतजार है।
वर्ष 1998 में जब प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री बने तो उर्मिल ठाकुर हमीरपुर से विधायक चुनी गईं। 2007 से 2012 तक दूसरी बार विधायक बनीं। इससे पहले 1996 में वे बगेहड़ा वार्ड से जिला परिषद सदस्य चुनी गईं।
जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ा। कांग्रेस और भाजपा के 9-9 सदस्य होने के चलते टॉस से अध्यक्ष फैसला हुआ। इसमें वे पिछड़ गईं। वर्ष 2013 में पुनर्सीमांकन के चलते हमीरपुर से सुजानपुर विस क्षेत्र भेज दिया गया और वह निर्दलीय उम्मीदवार राजेंद्र राणा से चुनाव हार गईं।