हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने नौ शोध परियोजनाओं को दी मंजूरी, सेब कारोबार से डिजिटल भुगतान तक का होगा आकलन
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नौ महीने में सामने आएंगे शोध के निष्कर्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में शोध का फोकस अब स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर रहेगा। विश्वविद्यालय ने नौ शोध परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के लिए 15 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया है।
शोध परियोजनाओं में हिमाचल के बागवानी क्षेत्र को विशेष स्थान दिया है। एक परियोजना में सेब उत्पादकों की विपणन संबंधी चुनौतियों का अध्ययन होगा। इसमें यह देखा जाएगा कि बागवानों को बाजार तक पहुंचने में किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके लिए एक लाख रुपये का बजट निर्धारित किया है। शिमला जिले के बागवानों के वित्तीय व्यवहार पर भी अध्ययन होगा। इसमें वित्तीय साक्षरता और निवेश संबंधी व्यवहार को समझने का प्रयास किया जाएगा। इस परियोजना के लिए भी एक लाख रुपये निर्धारित किए हैं। महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की स्थिति पर भी शोध किया जाएगा। इसमें महिला उद्यमियों के सामने मौजूद चुनौतियों और उन्हें प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण होगा।
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छोटे कारोबार में डिजिटल भुगतान व्यवस्था के इस्तेमाल पर भी अध्ययन प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए दो लाख रुपये मंजूर किए हैं। पर्यटन को स्थानीय रोजगार से जोड़ने पर भी शोध होगा। शिमला और कुल्लू में साहसिक तथा विरासत पर्यटन के जरिये आजीविका बढ़ाने का मॉडल तैयार किया जाएगा। इस परियोजना के लिए दो लाख रुपये निर्धारित किए हैं। खेल ढांचे के विकास को युवाओं की भागीदारी से जोड़कर भी अध्ययन होगा। इसमें खेल गतिविधियों, अपराध रोकथाम और पर्यटन आधारित आर्थिक विकास के बीच संबंधों का अध्ययन किया जाएगा। इस परियोजना के लिए दो लाख रुपये का प्रावधान है।
उद्योग की जरूरतों पर भी होगा शोध
पर्यटन शिक्षा को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर भी शोध होगा। इसमें मीडिया और विभिन्न विषयों के समन्वय से पर्यटन पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने की संभावनाएं देखी जाएंगी। कांगड़ा में जल जीवन मिशन के ग्रामीण परिवारों पर प्रभाव का भी मूल्यांकन होगा। इसके अलावा शिमला में समुदाय आधारित पर्यटन की आर्थिक क्षमता पर अध्ययन किया जाएगा। यह शोध राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा और उद्यमिता से भी जुड़ा होगा। विश्वविद्यालय के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय समस्याओं पर आधारित शोध को बढ़ावा देना है। शोध निष्कर्षों से हिमाचल की अर्थव्यवस्था, रोजगार और विकास से जुड़े मुद्दों को समझने में मदद मिलेगी।