प्रदेश सरकार मनरेगा का पैसा दूसरे विकास कार्यों में खर्च नहीं कर सकेगी। केंद्र सरकार ने हिमाचल को मनरेगा के कार्यों के लिए 13,19,44,000 रुपये की राशि जारी की है।
यह पैसा सड़कों, वर्षाशालिकाओं, श्मशान घाट, सामुदायिक भवन, बावड़ियों के निर्माण और रखरखाव सहित 18 विकास कार्यों में खर्च होगा। कुल राशि में से 2,59,74,000 रुपये मैटीरियल जबकि अन्य 10, 59,70,000 रुपये लेबर पर खर्च किए जाएंगे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास (मनरेगा) निदेशक राघवेंद्र प्रताप सिंह की ओर से राशि जारी होने का पत्र जारी हुआ है। केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश सरकार को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया है कि एक साल के भीतर प्रदेश सरकार को जिलों में किए गए कार्यों के खर्च का प्रमाण पत्र देना होगा।
अगर ऐसा नहीं होता है तो किश्त रोकी जा सकती है। केंद्र ने यह भी आन लाइन पेमेंट की भी शर्त लगाई है। इससे यह जानकारी रहेगी कि पंचायतों में मनरेगा में होने वाले कार्यों में कितना पैसा खर्च कर लिया है और मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को समय पर पैसा दिया जा रहा है या नहीं।