प्रदेश में पांच सालों तक पंचायतों के विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होगी। केंद्र सरकार ने 14 वें वित्तायोग में प्रदेश सरकार को 97 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी कर दी है। हिमाचल में पंचायत चुनाव से पहले केंद्र ने 57 करोड़ जारी किए थे, लेकिन चुनाव की तिथि निर्धारित होने पर यह खर्च नहीं किया गया।
अब पंचायतों को दोनों किस्तों का पैसा विकास कार्यों के लिए जारी होगा। प्रदेश में 23 जनवरी को नवनिर्वाचित प्रधान की अध्यक्षता में पहली बैठक होगी। पंचायतीराज विभाग ने पंचायतों के लिए विकास कार्य करने की गाइडलाइन जारी कर दी है। पंचायतें 14वें वित्तायोग में 14 मदों में ही पैसा खर्च कर सकेंगी।
पंचायतों को डायरेक्ट मिलेगा पैसा
इसमें पार्क का निर्माण, श्मशानघाट, पानी की व्यवस्था को सुदृढ़ करना, गालियों में स्ट्रीट लाइटें, मेले या त्योहार में अस्थायी शौचालय का निर्माण, नालों में चकडैम, पंचायतों में सफाई व्यवस्था, कूड़े दान बनाए जाना आदि कार्य शामिल हैं। 14वें वित्तायोग में पैसा सीधा पंचायतों को मिलेगा। प्रदेश सरकार इस पैसे को रोक नहीं सकती। अगर पैसा रोका जाता है तो सरकार को इसका ब्याज देना पड़ेगा।
पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 8 लाख रुपये की राशि जारी की जाएगी। साल दर साल पंचायतीराज विभाग पंचायतों को इतनी जारी जारी करता रहेगा। पंचायतीराज मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने 14वें वित्तायोग में प्रदेश सरकार को दूसरी किस्त जारी कर दी है। यह पैसा 14 मदों में खर्च होगा, जिसकी लिस्ट पंचायतों को भेज दी है।