राज्य में 69 नए राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के बाद प्रदेश में सड़क घनत्व 125.11 प्रति हजार किलोमीटर हो जाएगा। वर्तमान में राज्य में 2653 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग हैं। नए घोषित राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के बाद यह बढ़कर 6965 किलोमीटर हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का कार्य पूरा होने से हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली जैसे पड़ोसी राज्यों को सेब और अन्य उत्पादों की ढुलाई के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे।
प्रस्तावित रोहडू-चिड़गांव- टिक्करी-लरोट-चांशल-डोडरा क्वार राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से न केवल उत्तराखंड में हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थानों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, बल्कि राज्य में पर्यटन विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग मनीषा नंदा, डॉ. श्रीकांत बाल्दी, तरुण कपूर, मुख्य अभियंता आरपी वर्मा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन राजमार्ग के निर्माण कार्य में विलंब पर मुख्यमंत्री ने असंतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सड़क पर अतिरिक्त श्रम शक्ति और मशीनरी को तैनात कर कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए।
इस मार्ग पर यातायात का भारी प्रवाह है। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से परवाणू-सोलन फोरलेन के कार्य में तेजी लाने को कहा ताकि मार्च 2019 तक इसे पूरा किया जा सके।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विभागीय अधिकारियों को वन और अन्य ढांचों को हटाने के बारे में त्वरित स्वीकृतियां सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निष्पादन एजेंसियों को सड़क के ऐसे हिस्सों की पहचान करनी चाहिए
जिस पर आसानी से कार्य किया जा सकता है तथा जिन्हें विभिन्न मंजूरियां प्रदान की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं केंद्र सरकार से फोरलेन परियोजनाओं और अन्य संबंधित मामलों के शीघ्र कार्यान्वयन का मामला उठाएंगे।