शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में 19 सितंबर को हुई मारपीट के मामले में एसएफआई ने विवि प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। एसएफआई की एचपीयू इकाई के सचिव मुकेश कुमार और अध्यक्ष आशीष चौहान ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान एबीवीपी के कुछ कार्यकर्ता कुल्हाड़ी और अन्य धारदार हथियारों के साथ परिसर में मौजूद थे लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
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एसएफआई ने मुख्य सुरक्षा अधिकारी जीडी शर्मा पर पक्षपात पूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि सुरक्षा अधिकारी ने हथियार के साथ पकड़े गए एबीवीपी नेताओं के खिलाफ त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की। एसएफआई नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान और इसके बाद पुलिस ने उसके कार्यकर्ताओं को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया। संगठन ने हिरासत में लिए छात्रों को बिना शर्त रिहा करने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मुकेश कुमार और आशीष चौहान ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।