पुल का निर्माण 38 लाख की लागत से किया जा रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
लोक निर्माण विभाग मंडल-एक मंडी के तहत द्रंग-बसाही-बटधार सड़क पर लुणी खड्ड पर निर्माणाधीन पुल बीच से धंस गया है। दूंधा और जोगिंद्रनगर हलके के रणारोपा क्षेत्र को जोड़ने के लिए बन रहे पुल की शटरिंग बैठ जाने से पुल पर दरारें पड़ गई हैं। पुल का निर्माण 38 लाख की लागत से किया जा रहा है।
विभाग के उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। ठेकेदार के माध्यम से लाखों की लागत से लुणी खड्ड पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। विभाग ने पुल के दो स्लैब पहले डाल दिए थे। पिछले दो दिनों से अंतिम स्लैब डालने की तैयारियां चल रही थीं, जिस दौरान यह हादसा पेश आया।
पिछले शुक्रवार को अंतिम स्लैब डाला जा रहा था। उस दौरान पुल के बीच के हिस्से की शटरिंग बैठ गई और निर्माणाधीन पुल का कुछ हिस्सा बीच से नीचे धंस गया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर जांच में पाया कि पुल निर्माण के लिए खड़ी की गई शटरिंग के नीचे धरातल पर बनाए गए सीमेंट के पैड के नीचे की रेत खड्ड में पानी का तेज बहाव आने से बह गई और वह हवा में हो गए थे।
पानी का तेज बहाव आने से आई दरारें
पुल का एक ओर का हिस्सा 19 इंच और दूसरी ओर का हिस्सा लगभग 22 इंच नीचे धंस गया है।
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गत शुक्रवार रात को भारी वर्षा होने के कारण खड्ड में पानी का तेज बहाव आने की वजह से निर्माणाधीन पुल को नुकसान पहुंचा है। शनिवार सुबह काम पर लगे ठेकेदार के मजदूरों को शटरिंग टूटने की आवाज आई। इस दौरान पुल के ऊपर काम कर रहे सभी मजदूर सुरक्षित बाहर आ गए।
देखते ही देखते पुल के बीच का हिस्सा नीचे धंस गया और पुल के बीच में दरार आ गई। वहां से एक ओर का हिस्सा 19 इंच और दूसरी ओर का हिस्सा लगभग 22 इंच नीचे धंस गया है।
पंचायत कुफरी के प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर ने पुल में दरार आने की सूचना मंत्री कौल सिंह ठाकुर को दी। स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग के उच्च अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं। इलाके के लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को एसडीएम पधर हेम राज बैरवा को ज्ञापन सौं कर पुल निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
भाजपा नेता रमेश सोनी, कैप्टन मनोहर लाल, परम देव परियाल, दीना नाथ, महिला मंडल झकड़वाहण की प्रधान जयबंती देवी, काहन सिंह, लेख राज, शेर सिंह, धर्म चंद सहित दो दर्जन लोगों ने कहा कि पुल में दरारें आने से यह सुरक्षित नहीं रह गया है। मांग की है कि पुल का नए सिरे से निर्माण किया जाए।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके शर्मा ने बताया कि शटरिंग धंसने से पुल में दरार आई है। विभाग के उच्च अधिकारियों ने नुकसान का जायजा लिया। पुल की मरम्मत करवाई जा रही है। वहीं, चीफ इंजीनियर केहर सिंह ठाकुर ने कहा कि स्पॉट विजिट किया गया।
लुणी खड्ड में 10 जून को बारिश के कारण पानी का तेज बहाव आने से पुल निर्माण में लगी शटरिंग धंसने से पुल के बीच में दरार आई है। पुल निर्माण के विशेषज्ञ इंजीनियरों से भी स्पॉट निरीक्षण करवाया गया है। इंजीनियरों की राय के अनुसार पुल की मरम्मत करवाई जा रही है। पुल सेफ होने की स्थिति में ही आवाजाही के लिए बहाल किया जाएगा।