उनके परिवार की पृष्ठभूमि साधारण रही है, लेकिन अनिल ने कठिन परिश्रम और अनुशासन के बल पर खेल को निखारा। उनके कोचों और साथियों का कहना है कि अनिल हमेशा से ही प्रतिबद्ध खिलाड़ी रहे हैं। वे हर मैच में अपना शत-प्रतिशत देने की कोशिश करते हैं। हाल ही में हुए एक राष्ट्रीय मुकाबले में अनिल ने सुपर रेड के जरिए न सिर्फ अपनी टीम को जीत दिलाई थी, बल्कि दर्शकों का दिल भी जीत लिया था। उनका यह प्रदर्शन कई प्रो टीमों की नजर में आया। यू मुंबा ने उन पर बड़ा दांव खेलते हुए उन्हें 78 लाख रुपये में अपनी टीम का हिस्सा बना लिया।
गति और दबाव में प्रदर्शन खासियत
अनिल की रेडिंग तकनीक, गति और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें एक बेहतरीन रेडर बनाती है। अनिल की फिटनेस और मैच के अंतिम क्षणों में निर्णायक बनने की आदत ने उन्हें औरों से अलग करती है। अनिल जस्टा ने कहा कि यह मेरे लिए सपने जैसा है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक छोटे से गांव से शुरू हुआ मेरा सफर मुझे इस मुकाम तक ले आएगा। मैं यू मुंबा का आभार प्रकट करता हूं और वादा करता हूं कि मैं इस मौके को पूरी तरह से सार्थक करूंगा।
दादा बंसी राम के छलके आंसू...
पिता मोहन सिंह ने बताया कि अनिल की इस उपलब्धि पर नाज हैं। अनिल के यू मुंबा की टीम में शामिल होने की खबर सुनकर दादा बंसी राम के आंसू छलक पड़े। अनिल के दो भाई सेना में भर्ती है। अनिल ने इस उपलब्धि का श्रेय जिला शिमला के कोच सुरेंद्र को दिया है। अनिल ने गत माह हरिद्वार में हुई युवा सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था।
सोशल मीडिया पर लोगों की बधाइयों का तांता
अनिल की इस उपलब्धि को लेकर स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों में खुशी की लहर है। सोशल मीडिया पर उन्हें बधाइयों का तांता लगा हुआ है।