औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में विद्युत कंडेन्सर ब्लास्ट होने से सड़क पर गिरे हाई टेंशन (एचटी) तार की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई। हादसा मंगलवार देर रात परवाणू के टिकरी नरयाल में हुआ। युवक प्रिंटिंग प्रेस में काम करते थे और शाम को क्वार्टर जा रहे थे। जैसे ही दोनों टिकरी पहुंचे तो सड़क पर गिरे हाई टेंशन तार की चपेट में आकर झुलस गए। लोगों ने विद्युत बोर्ड को तुरंत इस बारे में जानकारी दी और बिजली बंद करवाई। गंभीर हालत में दोनों युवकों को तुरंत ईएसआई अस्पताल परवाणू पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे में जाने गंवाने वाले युवकों की पहचान बसंत कुमार निवासी गांव उपाध्याय मझेर पछनावदिह, सलौन, रायबरेली और ब्रजेश कुमार निवासी गांव दरिया बैकुंठ दरिया सूजान खुशीनगर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। प्राथमिक जांच में पाया गया कि जब दोनों युवक वहां से बाइक पर जा रहे थे तो सड़क पर गिरे तार में सप्लाई सुचारु थी और हादसा हो गया। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया प्राथमिक जांच के मुताबिक हादसा विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
दो माह पहले बस पर गिरे थे बिजली तार, यात्री की चली गई थी जान
परवाणू में बिजली बोर्ड की लापरवाही लगातार सामने आ रही है। बीते 01 मार्च को परिवहन निगम की बस पर बिजली तार गिर गए थे। हालांकि चालक ने होशियारी दिखाते हुए बस को रोक दिया था, लेकिन एक व्यक्ति बस से जैसे ही नीचे उतरा था, तो करंट लगने से उसकी मौत हो गई थी। बिजली तार बस के टायर के नीचे आ गए थे, जिससे टायर में भी ब्लास्ट हो गया था। हालांकि अन्य यात्री सुरक्षित बच गए थे। बावजूद इसके बिजली बोर्ड नहीं संभला और अब फिर से हादसा होने से कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं बुधवार को हुए हादसे पर बिजली बोर्ड के सर्किल सोलन से जांच टीम का गठन कर दिया गया है। उधर, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता विकास गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ट्रांसफार्मर के कंडेन्सर के फटने से हाइटेंशन तार नीचे गिरी, जिससे हादसा हुआ। हादसे के असली कारणों की पुष्टि पुलिस और सर्किल टीम की जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।