तीन धमाके इतने भयंकर थे कि इसकी गूंज से आसपास के गांव के लोग भी कांप उठे। बताया जा रहा है कि एक मुख्य तेल के भंडारण टैंक सहित दो कमर्शियल सिलेंडरों में आग से धमाके हुए।
आग की सूचना मिलते ही दमकल केंद्र नालागढ़ से एक वाटर बॉउजर, एक वॉटर टेंडर, एक क्यूआरबी, बद्दी केंद्र से दो वॉटर बाउजर, परवाणु से एक वाटर टेंडर, वर्धमान उद्योग से एक वाटर टेंडर, पंजाब के रोपड़ से एक वाटर टेंडर सहित भारी संख्या में दमकल कर्मी रातभर आग पर काबू पाने में जुटे रहे।
हालांकि मध्यरात्रि करीब 2 बजे आग की लपटों पर तो काबू पा लिया गया, लेकिन पूरी तरह से आग पर कंट्रोल नहीं हो सका, जिसे बुझाने का कार्य सोमवार दिन में भी काम जारी रहा।
छुट्टी की वजह से नहीं हुआ जानी नुकसान
अवकाश होने के कारण उद्योगों में कामगारों की छुट्टी थी, जिससे कोई जानी नुकसान तो नहीं हुआ है, लेकिन दोनों उद्योगों में रखा कच्चा, तैयार माल सहित कार्यालय संबंधी सामान जलकर राख हो गया है। नुकसान का आकलन लगाया जा रहा है। फिलवक्त माना जा रहा है कि उद्योगों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। नुकसान का आंकड़ा करोड़ों में हो सकता है।
रात भर जुटे रहे अग्निशमन कर्मी
अग्निशमन केंद्र नालागढ़ के दमकल अधिकारी हितेंद्र कंवर ने कहा कि आठ वाहन आग बुझाने के कार्य में रातभर जुटे रहे। आग पर काबू पाने में सोमवार को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मुख्य टैंक में लगी आग बुझाने के लिए वाहन वहां तक नहीं पहुंचे। इसके लिए जेसीबी से वैकल्पिक मार्ग बनवाया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों में हुए नुकसान का आकलन लगाया जा रहा है।
फोरेंसिक टीम बुलाई : डीएसपी
डीएसपी नालागढ़ अनिल वर्मा ने कहा कि पुलिस ने आग लगने के असली कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल जुन्गा से फोरेंसिक टीम बुलाई है। वो यहां साक्ष्य जुटाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही कारणों के संबंध में कुछ कहा जा सकता है।