हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की एक फार्मा कंपनी में जहरीली गैस लीक होने से उद्योग के करीब दो दर्जन कामगार बेहोश हो गए। जहरीली गैस के रिसाव के बाद उद्योग के कामगारों में से 8 महिला कामगार हैं। 4 पुरुष कामगारों को निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया है। कुछ कामगारों को ईएसआईसी अस्पताल काठा में उपचार के लिए भेजा है।
महिला कामगारों की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। बद्दी के फार्मा उद्योग में सोमवार दोपहर एक के बाद एक कामगार बेहोश होना शुरू हो गए, जिससे उद्योग प्रबंधक घबरा गए और तुरंत ही कामगारों को बददी स्थित गगन अस्पताल में उपचार के लिए भेजना शुरू कर दिया। पहले तो डाक्टरों की समझ में भी नहीं आया लेकिन उद्योग प्रबंधकों से हुई बातचीत के बाद उन्होंने कामगारों का उपचार करना शुरू किया।
उद्योग में बेहोश होने वाले कामगारों की संख्या बहुत अधिक थी लेकिन ज्यादातर कामगारों को उद्योग में किए गए हल्के उपचार से ही होश आ गया और उन्हें अस्पताल नहीं भेजा गया। उद्योग प्रबंधकों ने अफरातफरी में उन कामगारों को घर रवाना करना भी शुरू कर दिया, लेकिन कई कामगारों की हालत खस्ता होने के चलते उन्हें अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया।
हैरत की बात तो यह है कि इतना बड़ा हादसा घटित होने के बावजूद तीन घंटे बाद तक भी पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई। पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और बयान दर्ज किए। फार्मा उद्योग में हुए गैस रिसाव से बेहोश हुए कामगारों में प्रियंका, सुनीता, सुमन, मंजु, यशोधा, विकास , तुलसी, विक्की, हसीना और प्रियंका शामिल है।
उपरोक्त कामगारों में से सभी महिला कामगारों की हालत नाजुक है। बेशक उन्हें होश आ गया है, लेकिन गैस का असर अभी भी उनके दिमाग पर है। गगन अस्पताल बद्दी के एमडी एमएस डॉ. गगन जैन ने कहा कि सोमवार डेढ़ बजे सभी कामगार बेहोशी की हालत में उनके पास पहुंचे और करीब एक घंटे के उपचार के बाद सभी कामगारों को होश आ गया है। उन्होंने बताया कि सभी कामगारों की हालत स्थिर है।
पुलिस कर रही है जांच : एसपी
एसपी बीएस चौहान ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर भेज दी गई है और सारे मामले की जांच हो रही है। यह हादसा कौन सी गैस लीक होने के चलते हुआ है इसका भी पता किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उद्योग का इसमें गलती पाई जाती है, तो उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।