पहाड़ी दरकने के दौरान अन्य भेड़ पालक अपनी जान बचाकर भागने में सफल हुए, जबकि मृतक देगा नंद के हादसे में चिथड़े चिथड़े उड़ गए हैं।
घटना में ग्रामीण मोहन लाल, गोविंद सिंह, सत्यदेव, बेगा नंद, सुरेश, संगत राम, रमेश कुमार, खेबी राम के 116 पशु मरे हैं, जिन्हें प्रशासन की ओर से 10-10 हजार रुपये की फौरा राहत दी गई है।
वहीं प्रशासन की ओर से तहसीलदार निरमंड निरजा शर्मा और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है ।डीएसपी आनी रोहित मृगपुरी ने बताया कि पहाड़ी दरकने से एक भेड़पालक की मौत हो गई है, जबकि घटना के 116 भेड़ बकरियां और पशुओं की भी मौत हो गई है।
पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है। एसडीएम आनी चेत सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों को 10 हजार की फौरी राहत, जबकि भेड़ बकरियों और पशुओं के मालिकों को भी 10-10 हजार रुपये की राहत राशि जारी की गई है।
उपमंडल संगड़ाह की ग्राम पंचायत सैंज में शिवपुर के लिए बन रही संपर्क सड़क पर पहाड़ी दरकने से एनएनटी मशीन के परिचालक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एनएनटी मशीन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
मृतक की पहचान 19 वर्षीय विक्की पुत्र वेद राम के रूप में हुई है, जबकि चालक पंकज (22) पुत्र ओम प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसे संगड़ाह से मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर कर दिया गया है। दोनों ही मंडी जिले के चच्योट के निवासी बताए जा रहे हैं।
सैंज गांव से शिवपुर के लिए निर्माणाधीन मार्ग का कार्य चला हुआ है। इसके लिए एलएनटी मशीन लगाई गई है। मंगलवार करीब 11 बजे कार्य के दौरान अचानक पहाड़ी दरक गई। भारी मलबा गिरने से एनएनटी मशीन सहित चालक और परिचालक मलबे में दब गए।
स्थानीय लोगों की सहायता से दोनों को बाहर निकाला गया। लेकिन, तब तक परिचालक विक्की की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग बनकर तैयार हो चुका था। अब मार्ग को चौड़ा करने का कार्य चल हुआ है।
तहसीलदार संगड़ाह राजेंद्र ठाकुर ने घायल के उपचार के लिए पांच हजार की फौरी राहत प्रदान की। थाना प्रभारी विरोचन नेगी ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जेे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए संगड़ाह चिकित्सालय भेज दिया है।
उन्होंने बताया कि शव मलबे व मशीन के बीच में बुरी तरह से फंसा हुआ था। पुलिस व ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकाला गया। हादसे में घायल हुए चालक को संगड़ाह अस्पताल तक पहुंचाने में लोगों को भारी जद्दोजहद करनी पड़ी।
सैंज के जोगेंद्र राणा ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों की मदद से घायल पंकज को मशीन से बाहर निकाला। 108 एंबुलेंस न मिलने पर निजी वाहन में उसे संगड़ाह चिकित्सालय पहुंचाया।
लेकिन, अस्पताल मार्ग में फंसी 108 के कारण घायल व्यक्ति को कंधे पर उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आकांक्षा शर्मा ने बताया कि नाजुक हालत को देखते हुए घायल को मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर कर दिया गया है।