इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एम्स बिलासपुर के दो वरिष्ठ डॉक्टरों को सेवाएं देने के लिए आईजीएमसी बुलाया गया है। एम्स के ये डॉक्टर दस दिनों तक आईजीएमसी में ही सेवाएं देंगे।
आईजीएमसी में पूर्व में नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष रहे डॉ. संजय विक्रांत और डॉ. आशीष एम्स बिलासपुर में सेवाएं दे रहे हैं। किडनी ट्रांसप्लांट के सफल करवाने के बाद अब दोनों वरिष्ठ डॉक्टरों को शिमला बुलाया गया है। चूंकि अस्पताल में दो साल बाद दोबारा ट्रांसप्लांट शुरू हो रहे हैं तो अनुभव के चलते इनकी सेवाएं ली जा रही हैं।
उधर, आईजीएमसी में मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर शनिवार को विभिन्न विभागों के डॉक्टर अपने कार्यों में व्यस्त रहे। डॉक्टरों ने जहां बैठकें कीं, वहीं अस्पताल में ट्रांसप्लांट के बाद आगामी उपचार के लिए दाखिल मरीजों को निगरानी में रखने के लिए रीनल आईसीयू तैयार करवाया गया है।
इसके अलावा सीटीवीएस विभाग के ऑपरेशन थियेटर में होने वाले ट्रांसप्लांट में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों व मानीटर की भी जांच की गई। अस्पताल में अब तक तीन मरीजों के सफल किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। 12 अगस्त 2019 को शिमला, मंडी और नवंबर में कांगड़ा के जसूर के रहने वाले व्यक्ति का सफल ट्रांसप्लांट किया गया है।
आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर तैयारियां पूरी हैं। विभागों को दवाइयां और सर्जिकल सामान उपलब्ध करवाया गया है ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो।