हाईकोर्ट ने अफीम-पोस्त रखने जुर्म में दस वर्ष का कठोर कारावास की सजा भुगत रहे दो आरोपियों को बरी किया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने जगत सिंह और शावेग की अपील को स्वीकार किया है। अदालत ने उन्हें तुरंत रिहा करने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ हरोली थाना में मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम की धारा 15 और 29 के तहत मामला दर्ज किया था। 7 जुलाई, 2015 को पुलिस ने दोनों आरोपियों से 335 किलो अफीम पोस्त जब्त की थी।
पुलिस ने विशेष अदालत ऊना में 21 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। अदालत ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और गवाहों के बयान के आधार पर जगत सिंह और शावेग को अवैध रूप से अफीम पोस्त का दोषी ठहराया था। इस जुर्म के लिए उन्हें दस-दस वर्ष और एक-एक लाख रुपये की सजा सुनाई थी। इस निर्णय को अपीलार्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश के फैसले को पलटते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ अभियोग साबित करने में नाकाम रहा है।