मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विधानसभा में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वे किसी की मेहरबानी से सीएम नहीं बने हैं। चुनाव के माध्यम से निर्वाचित होने के बाद विधायक मंडल ने उन्हें सीएम चुना है।
उनसे पूछा गया कि प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू कहते हैं कि पार्टी हाईकमान ईमानदार व्यक्ति को अध्यक्ष पद से क्यों हटाएगा। इस पर सीएम ने कहा कि वे अपने आप को सर्टिफिकेट दे रहे हैं इसकी खुशी है।
कांग्रेस संगठनात्मक चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री कायम दिखे। उन्होंने कहा कि आलाकमान को अवगत करवा चुके हैं कि विधानसभा चुनाव के साथ संगठनात्मक चुनाव नहीं होने चाहिए। उन्होंने संगठन और सरकार में मतभेद की आरोपों का खारिज किया है।
'भाजपा के केंद्रीय नेताओं से नहीं डरती हिमाचल सरकार'
मुख्यमंत्री से जब यह पूछा गया कि भाजपा के राष्ट्रीय नेता हिमाचल में आ रहे हैं जबकि कांग्रेस के प्रचार कमजोर दिख रहा है तो वे बोले कि भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं का स्वागत है।
इन नेताओं के आने से कांग्रेस सरकार डरने वाली नहीं हैं और इनका कोई असर यहां होने वाला नहीं है। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार और संगठन में अच्छा तालमेल हैं। पूरी तरह से मिलकर दोनों काम कर रहे हैं और तालमेल और बेहतर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए चुनाव नहीं टालने की मांग कर रहे हैं बल्कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन चुनाव के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई बार अध्यक्ष रह चुके हैं और वन मैन वन पोस्ट के हिमायती हैं। केंद्र की मोदी सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने तीन वर्षों में क्या क्या हुआ यह देख लिया।
डॉ. मनमोहन ने की थी जीएसटी की शुरूआत
जीएसटी बिल को लेकर पूछे सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मोदी सरकार नहीं बल्कि पूर्व पीएम डा. मनमोहन सिंह की कोशिशों का नतीजा है। डा. मनमोहन ने जीएसटी की शुरुआत की थी। उसी दौरान इसके लिए कमेटी बनाई गई और आज इस स्तर पर पहुंचे हैं कि यह बिल राज्यों से पास हो रहा है।
क्षेत्र, जाति की राजनीति करती है भाजपा : सीएम
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा जाति, क्षेत्र और धर्म की राजनीति करती है। कांग्रेस सरकार ने हमेशा सभी वर्गों के साथ न्याय का काम किया है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पीटरहाफ में प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की मानदेय बढ़ाने की मांग को पूरा किया है। जिसकी अधिसूचनाएं जारी गई हैं। सरकार के प्राथमिक शिक्षक के मानदेय 13000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये किया गया है। इस फैसले से हिमाचल के 3406 शिक्षकों को फायदा हुआ है।
राज्य सरकार शिक्षक समुदाय के कल्याण सदा सुनिश्चित करती आ रही है। विशेषकर सीमित आय वाले शिक्षकों का पूरा ध्यान रखा जाता है। राज्य सरकार ने पीटीए पैरा अथवा पीटीए शिक्षकों की उचित मांगों के प्रति उदार रवैया रहा है तथा इनमें से ज्यादातर को पूरा भी किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने सभी वर्गों से सदा न्याय किया है। उन्होंने शिक्षकों की अन्य मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया। इससे पूर्व पीएटी के राज्य अध्यक्ष नारायण हिमराल ने मुख्यमंत्री और उनके साथ आए मेहमानों का स्वागत किया। राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह और शिक्षा संयुक्त निदेशक केआर सैजल भी उपस्थित थे।