फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिलासपुर: बरमाणा सीमेंट प्लांट के गेट के बाहर गरजे ट्रक ऑपरेटर, निकाली रैली, जमकर की गई नारेबाजी

Mon, 19 Dec 2022 07:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर/घुमारवीं

सार

बीडीटीएस के पूर्व प्रधान लेखराम वर्मा ने अदाणी ग्रुप के निर्णय को गलत बताया। है। कहा कि गैर कानूनी ढंग से प्लांट में ताला लगाया गया है, जबकि किसी भी कारखाने को बंद करने से पहले फैक्ट्री एक्ट 1947 के तहत के तहत पहले मामला सरकार के पास ले जाना पड़ता है।
विज्ञापन
धरना प्रदर्शन करते ट्रक ऑपरेटर। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरमाणा एसीसी प्लांट बंद करने के विरोध में सोमवार को एक बार फिर ट्रक ऑपरेटरों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को ट्रक ऑपरेटरों ने प्लांट के गेट के बाहर धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। ट्रक ऑपरेटरों को सीटू और इंटक की प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का भी साथ मिला। ट्रक ऑपरेटरों और स्थानीय महिला मंडलों ने जिला ट्रक ऑपरेटर परिवहन सहकारी सभा (बीडीटीएस) के भवन से प्लांट के गेट तक रैली निकाली। गेट पर करीब दो घंटे तक धरना दिया। 

विज्ञापन


सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एसीसी सीमेंट कारखाना 1983 से काम कर रहा है। अब अदाणी समूह ने जो निर्णय लिया है, वह ट्रक ऑपरेटरों और लोगों के हित में नहीं है। एसीसी और अंबुजा प्लांट सीमेंट को जल्द शुरू न किया गया तो बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने सरकार से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। 

बीडीटीएस के पूर्व प्रधान लेखराम वर्मा ने अदाणी ग्रुप के निर्णय को गलत बताया। है। कहा कि गैर कानूनी ढंग से प्लांट में ताला लगाया गया है, जबकि किसी भी कारखाने को बंद करने से पहले फैक्ट्री एक्ट 1947 के तहत के तहत पहले मामला सरकार के पास ले जाना पड़ता है। यदि सरकार अनुमति नहीं देती है तो कार्यवाही कानूनी तौर पर गलत मानी जाती है। वर्तमान सरकार ने इन कंपनियों को प्रदेश में सीमेंट के दाम कम करने के निर्देश दिए थे, इसी कारण इन्होंने प्लांट बंद कर दिया। 
विज्ञापन


इंटक के कार्यकारी राज्य अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता भगत सिंह वर्मा ने कहा कि एसीसी ने साल 1984 में भी एक कंपनी को ढुलाई का कार्य दिया था। उस समय भी ऑपरेटरों और लोगों के विरोध के कारण कंपनी को भागना पड़ा था। उस समय बीडीटीएस और एसीसी के बीच किराया बढ़ोतरी के लिए समझौता हुआ था।

वर्तमान में बीडीटीएस 11.40 पैसे के हिसाब से किराया ले रही है, जबकि मैदानी क्षेत्रों का किराया छह रुपये है। अदाणी समूह ट्रक ऑपरेटरों पर छह रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया लेने का दबाव डाल रहा है। पूर्व विधायक केके कौशल ने कहा कि इससे पहले भी कई बार संघर्ष कर लोगों के हितों की रक्षा की है। अधिवक्ता श्याम लाल ठाकुर, मोती लाल, रणदीप परमार, शेर सिंह और बीडीटीएस के सदस्यों ने भी संबोधित किया।

अदाणी ने हितों की अनदेखी की तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम : मिंटू
अदाणी ग्रुप के रवैये से नाराज निजी बस ऑपरेटर यूनियन के पूर्व जिला प्रधान अनिल मिंटू भी ट्रक ऑपरेटरों के पक्ष में उतर आए हैं। उन्होंने जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल करने की भी बात कही। घुमारवीं में पत्रकार वार्ता में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अदाणी समूह ने जल्द सीमेंट प्लांट का ताला नहीं खोला तो इसके परिणाम सही नहीं होंगे।

उन्होंने कहा कि किसी भी मनमानी के लिए न केवल जनता के विरोध का सामना करना पड़ेगा, बल्कि उन्हें प्रदेश से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के सामने यह सब हो रहा है। वह प्रदेश के हितों को ताक पर रखकर हिमाचल को बेचने की कवायद में जुटे हैं। 

मिंटू ने चेतावनी दी कि यदि अतिशीघ्र अदाणी ग्रुप ने प्रदेश की जनता के हित में फैसला नहीं लिया और हजारों कारोबारियों की अनदेखी की तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह निजी ट्रक ऑपरेटरों के साथ हो रहे अत्याचार के प्रति अदाणी कंपनी के खिलाफ कड़े कदम उठाए।

विज्ञापन

बीडीटीएस के दो गुट अलग-अलग करेंगे धरना प्रदर्शन

एसीसी सीमेंट प्लांट बंद करने के विरोध में बीडीटीएस के दो गुट मंगलवार को सीमेंट प्लांट बरमाणा और मुख्यालय बिलासपुर में अलग-अलग धरना प्रदर्शन करेंगे। जीतराम गुट ने बरमाणा में चल रहे आंदोलन से हटकर बिलासपुर मुख्यालय में पैदल मार्च करने की घोषणा की है। दूसरा धड़ा रोजाना की तरह बरमाणा में रैली निकालेगा और गेट के सामने प्रदर्शन करेगा।

जीतराम गुट एचआरटीसी वर्कशॉप से उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च कर विरोध प्रदर्शन करेगा। बीडीटीएस सदस्य जीतराम गौतम ने कहा कि 20 दिसंबर को ट्रक ऑपरेटर एचआरटीसी वर्कशॉप में इकट्ठा होंगे। सुबह 10:00 बजे वर्कशॉप से उपायुक्त कार्यालय तक जुलूस के रूप में निकलेंगे। उपायुक्त को ज्ञापन भी देंगे। 

उधर, बीडीटीएस सदस्य राकेश कुमार रॉकी ने बताया कि एसीसी सीमेंट प्लांट बरमाणा में है। प्लांट बंद होने के बाद यहीं आंदोलन चल रहा है। उन्होंने जीतराम गौतम से भी फोन पर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

कहा कि वे रोजाना की तरह बरमाणा में धरना प्रदर्शन करेंगे। बता दें कि बीडीटीएस में दो गुटों में चल रही कुर्सी की लड़ाई अदालत तक पहुंच चुकी है। इसकी सुनवाई बुधवार को होगी। बीडीटीएस का एक धड़ा बहुमत के साथ कार्यकारिणी बनाने का दावा कर चुका है, जबकि जीतराम गुट इसके खिलाफ अदालत में गया है। 

जीतराम गुट ने की विधायक से मुलाकात
सोमवार को बीडीटीएस सदस्य जीतराम गौतम की अगुवाई में ध्यान सिंह ठाकुर, बालक राम, कपिल, कश्मीर सिंह चंदेल, राजेश ठाकुर, सुभाष, रतन लाल, राम कुमार शर्मा ने घुमारवीं के विधायक राजेश धर्माणी से उनके निवास स्थान पर करीब एक घंटा मुलाकात की। कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी ने उन्हें ट्रक ऑपरेटरों के मुद्दे शीघ्र सुलझाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें