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Ambuja Cement Plant: प्रशासन, अदाणी समूह और ट्रक ऑपरेटरों के बीच बैठक रही बेनतीजा

Sat, 17 Dec 2022 08:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन/बिलासपुर

सार

ट्रांसपोर्टर्स यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश गुप्ता ने कहा कि डीसी कार्यालय में हुई बैठक बेनतीजा रही।  कंपनी प्रबंधन के अधिकारी मनोज जिंदल ने मामले से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया। 
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डीसी सोलन की अध्यक्षता में ट्रक ऑपरेटर और अदाणी प्रबंधकों की बैठक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अदाणी समूह के दाड़लाघाट स्थित अंबुजा और बरमाणा स्थित एसीसी सीमेंट उद्योग में ट्रक ऑपरेटरों के साथ मालभाड़े को लेकर चल रहा विवाद थम नहीं रहा। शनिवार को सोलन में कंपनी और ट्रक ऑपरेटरों की प्रशासन की ओर से उपायुक्त ने सहमति करवाने के लिए बैठक करवाई, लेकिन बैठक बेनतीजा रही। इसी तरह बिलासपुर में प्रशासन और ट्रक ऑपरेटरों की बीच हुई बैठक में भी कोई फैसला नहीं हुआ। उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय ने कहा कि कंपनी प्रबंधन चाहता है कि ऑपरेटर सीमेंट ढुलाई के दाम कम करें, लेकिन ऑपरेटर इस बात के लिए राजी नहीं हैं।

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अब सोमवार को ट्रक ऑपरेटरों और कंपनी प्रबंधन के साथ बैठक होगी। दूसरी ओर सोलन में अंबुजा सीमेंट प्लांट के विवाद का हल निकालने के लिए अदाणी समूह के साथ अढ़ाई घंटे तक ट्रांसपोर्टरों और जिला प्रशासन के साथ बैठक बेनतीजा रही। कंपनी प्रबंधक ने ट्रांसपोर्टरों की कोई बात नहीं मानी। ट्रांसपोर्टरों ने कंपनी को ऑफर दिया कि वे वर्तमान मालभाड़े के मुताबिक काम शुरू करें, लेकिन कंपनी नहीं मानी। बैठक खत्म होने के बाद कंपनी प्रबंधक के चीफ मैन्यूफेक्चरिंग अफसर मनोज जिंदल ने कहा कि उन्हें बैठक में कोई बात समझ नहीं आई। वहीं, उपायुक्त, सोलन कृतिका कुलहरी ने कहा कि जल्द विवाद सुलझा लिया जाएगा। आगामी दिनों में फिर बैठक होगी।

ट्रांसपोर्टरों ने दिया यह ऑफर
 जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश गुप्ता ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों ने कंपनी को वर्तमान में पहाड़ी क्षेत्र में 10.58 रुपये और समतल क्षेत्र में 5.29 रुपये प्रति किलोमीटर मालभाड़े का ऑफर दिया है। वहीं, वर्तमान रेट पर भी ट्रक चलाकर 31 मार्च तक अन्य मुद्दों पर बातचीत करने के लिए कंपनी को ऑफर दिया है, लेकिन कंपनी नहीं मानी। कंपनी 6 रुपये किराया देने की बात कर रही है।
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ट्रक संचालकों के समर्थन में आई किसान सभा और यूनियन 

अखिल भारतीय किसान सभा और भारतीय किसान यूनियन ने ट्रक संचालकों का समर्थन किया है। पत्रकारों से बातचीत में अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश महासचिव नरेश घई ने कहा कि बिलासपुर की बरमाणा और दाड़लाघाट में सीमेंट कंपनियों को अदाणी समूह ने साजिश के तहत बंद किया है। पहले इन कंपनियों को खरीदा। उसके बाद खातों में हेराफेरी करके घाटा दिखाया और अब घाटे के नाम पर इसे बंद कर रहे हैं। सरकार बदलते ही रात के अंधेरे में नोटिस चिपका कर कंपनी को अचानक बंद कर दिया। ऐसा करके जहां लाखों परिवारों के साथ अन्याय किया है, वहीं श्रम कानून की भी धज्जियां उड़ाई गई हैं।

इस बंद का नालागढ़ की अंबुजा सीमेंट कंपनी और रोपड़ की कंपनी पर भी असर पड़ने वाला है। पहले यहां के लोगों की जमीन खरीद कर यह प्लांट लगाया गया। लोगों ने अपनी जमीन बेच कर ट्रक खरीदे। अब उनसे जमीन तो छिन गई है और अब ट्रक भी बिकने की बारी आ गई है। इस बंद से 25,000 हजार लोग सड़क पर आ गए हैं। इसका सीधे तीन लाख परिवारों पर असर पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस मामले को जल्द सुलझाने की मांग की है। वहीं, अखिल भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुरमुख सिंह ने ट्रक संचालकों को समर्थन देने की बात की है। उन्होंने कहा कि सीमेंट कारखाने बंद होने से प्रदेश में विकास कार्य ठप हो जाएंगे। पहले ही हिमाचल में सीमेंट महंगा मिलता है और अब अगर ऑपरेटरों ने भाड़ा बढ़ाने की मांग की तो जानबूझ कर कारखानों को बंद कर दिया गया है। 
 
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