समुद्रतल से 17,490 फीट की ऊंचाई पर स्थित फ्रेंडशिप पीक पर करीब माइनस 20 डिग्री तापमान में सर्च ऑपरेशन को अंजाम देना वैसे ही कठिन है। उस पर ग्लेशियर में बनी खाइयां सर्च ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न कर रही है। 13 दिन बीतने के बाद भी फ्रेंडशिप पीक में लापता हुए शिमला के चौपाल क्षेत्र के अढशाला गांव के आशुतोष का पता नहीं चल पाया। आईटीबीपी, डोगरा स्काउट और अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान की टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। हालात ऐसे ही रहे तो सर्च ऑपरेशन रोकना भी पड़ सकता है। हिमस्खलन के बाद ग्लेशियर में खाइयां बनी हुई हैं। उस पर ताजा बर्फबारी होने से खाइयों में गिरने का खतरा भी बरकरार है। गुरुवार को अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान मनाली से एक और टीम रेस्क्यू के लिए कुछ सामान लेकर फ्रेंडशिप पीक के लिए रवाना हुई।
वीरवार को डोगरा स्काउट, आईटीबीपी और अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान की टीम ने दिनभर लापता पर्वतारोही की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। टीमों ने लगभग 15 हजार फीट की ऊंचाई पर लेडीलेग में बेस कैंप बनाया है। रात के समय यहां का तापमान माइनस दस डिग्री से भी नीचे पहुंच रहा है। ऐसी परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन चलाना भी कठिन होता जा रहा है। एसडीएम मनाली डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि 20 से अधिक जवान सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। फिलहाल टीम बेस कैंप में ही रहेगी। सर्च ऑपरेशन में जुटे आईटीबीपी और डोगरा स्काउट के जवानों ने कुछ सामान मंगवाया था, जिसे लेकर एक टीम फ्रेंडशिप पीक गई है। एक-दो दिन और सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। ग्लेशियर में बनी खाइयों के कारण ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।