करीब 15,000 फुट की ऊंचाई पर किन्नौर के बरून पास पर ट्रैकिंग के दौरान बर्फबारी में फंसा कोलकाता का दल रविवार शाम को दिल्ली रवाना हो गया। रामपुर अस्पताल में भर्ती घायल ट्रैकर की हालत में भी सुधार है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद एक ट्रैकर के शव और घायल साथी को लेकर सभी पांच पर्यटक टैक्सी से दिल्ली रवाना हो गए हैं।
बीते दिन सांस फूलने और तबीयत बिगड़ने से एक ट्रैकर की मौत हो गई थी। एक घायल को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया जबकि अन्य को पैदल मार्ग से शनिवार रात करीब 10 बजे ब्रुआ गांव पहुंचाया। जिला प्रशासन ने अवैध रूप से ट्रैकिंग करवाने वाली निजी कंपनी पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गौर हो कि 22 मई को रोहडू से सांगला वैली की ओर निकले पर्यटकों का दल बरून पास में बारिश और बर्फबारी के चलते फंस गया था। इस दौरान एक पर्यटक देवाशीश महतो की मौत हो गई थी। वहीं एक अन्य ग्रुप लीडर रूप घोष की तबीयत भी बिगड़ गई थी। उन्हें वायुसेना के हेलीकॉप्टर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगला पहुंचाया गया था।
वहीं जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से गई क्यूआरटी, होमगार्ड के विशेष दस्ते, पुलिस थाना सांगला और पुलिस चौकी कड़छम से गई टीम ने शनिवार सुबह 10 बजे से लेकर शनिवार रात दस बजे तक 24 घंटे के बाद बरून पास से पर्यटकों को रेस्क्यू कर पैदल मार्ग से ब्रुआ गांव तक पहुंचाया। यहां से मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगला पहुंचाया गया। रविवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम करने के बाद शव उसके साथी सुदिप्ता मितरा और अन्य तीन लोगों के सुपुर्द कर दिया।
एसपी किन्नौर साक्षी वर्मा, डीएसपी किन्नौर विपिन कुमार ने कहा कि मृतक का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव उसके साथियों के सुपुर्द किया गया है। जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि प्रशासन को सूचित किए बगैर चलाए जा रहे ट्रैकिंग कैंप गैर कानूनी हैं और इस तरह से ट्रैकिंग करवाना जुर्म है।
अब जिला प्रशासन जल्द ही एक एडवाइजरी निकालने वाला है, जिसमें कोई भी बाहर की टीम किन्नौर प्रशासन को सूचित किए बगैर ट्रैकिंग नहीं करवा पाएगी। बीते रोज फंसे पर्यटकों को ट्रैकिंग करवाने वाली कंपनी की छानबीन की जाएगी। यदि उसके पास परमिट नहीं है तो कार्रवाई की जाएगी।