आईजीएमसी में शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जेनेरिक स्टोर और यूरोलॉजी विभाग में स्थापित लिथरोट्रिप्सी मशीन का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने लिथरोट्रिप्सी मशीन के उद्घाटन समारोह पर कहा कि इस तकनीक से स्थापित होने वाला हिमाचल पहला राज्य बन गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रमुख संस्थानों में से एक आईजीएमसी में इस तकनीक से विकास की गति को बनाए रखने पर बल दिया है। आईजीएमसी में लिथरोट्रिप्सी मशीन तीन करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की है। इससे गुर्दे की पत्थरी का इलाज बिना सर्जरी से होगा। मुख्यमंत्री शाम साढ़े छह बजे अस्पताल पहुंचे इस दौरान उन्होंने रिबन काटा और जेनेरिक स्टोर के खुलने पर लोगों को बधाई दी।
इस दौरान साथ स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर उनके साथ मौजूद रहे। जेनेरिक स्टोर के उद्घाटन पर लोगों को यहां से 300 किस्मों की विभिन्न दवाइयां गरीब परिवारों को मुहैया करवाई जाएंगी। उधर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने आईजीएमसी में इस तकनीक को स्थापित करने तथा धनराशि मुहैया करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
टांडा मेडिकल कॉलेज में भी यह मशीन स्थापित होगी। इस मौके पर आईजीएमसी प्राचार्य डा. एसएस कौशल, वरिष्ठ चिकित्सक अधीक्षक डा. रमेश चंद डेंटल कालेज प्राचार्य डा. आरपी लुथरा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. जयश्री शर्मा और विभागाध्यक्ष एवं कर्मचारी नेता एसएस जोगटा मौजूद रहे।