शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि एनटीटी की भर्ती में पारदर्शिता और समावेश जरूरी है। उन्होंने एनटीटी (नर्सरी टीचर ट्रेनिंग) भर्ती प्रक्रिया में एक वर्षीय डिप्लोमा धारकों को पात्रता सूची से बाहर करने के निर्णय का विरोध किया। नैंसी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित एनटीटी भर्ती प्रक्रिया में सिर्फ दो वर्षीय डिप्लोमा धारकों को पात्र बनाया है। इससे प्रदेशभर के सैकड़ों युवा खास तौर पर महिला अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गई हैं। कहा कि हजारों की संख्या में ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने वर्ष 2012 अथवा उससे पूर्व में एनटीटी का एक साल का डिप्लोमा किया है, यह उस समय मान्य था। कहा कि सरकार का यह फैसला सैकड़ों एनटीटी के एक साल के डिप्लोमा प्राप्त अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे। ब्यूरो