शिमला। भाषा एवं संस्कृति विभाग की गेयटी थियेटर के सम्मेलन कक्ष में त्रैमासिक प्रशिक्षण कार्यशाला मंगलवार को शुरू हो गई। वर्तमान में लगभग 170 छात्र-छात्राएं, शोधार्थी और बुद्धिजीवी ऑनलाइन कार्यशाला में भाग ले रहे हैं, जबकि ऑफलाइन भाग लेने वालों की संख्या 40 है। कार्यशाला में टांकरी लिपि का प्रशिक्षण सहायक प्रोफेसर (इतिहास) डॉ. किशोरी लाल चंदेल देंगे जबकि संस्कृत भाषा का प्रशिक्षण सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक एवं पूर्व सचिव संस्कृत अकादमी डॉ. मस्तराम शर्मा प्रदान करेंगे। कार्यशाला हर रोज शाम 5:30 से 6:30 बजे तक चलेगी। इसमें सोमवार से बुधवार तक टांकरी लिपि और वीरवार से शनिवार तक संस्कृत भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग डॉ. पंकज ललित ने बताया कि कार्यशाला ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी। कार्यक्रम में विभाग के संयुक्त निदेशक मंजीत शर्मा, कुसुम संघाईक और सहायक निदेशक सुरेश राणा भी मौजूद रहे। संवाद