शिमला। यूको आरसेटी शिमला के मशोबरा स्थित प्रशिक्षण केंद्र में दस दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण रविवार को शुरू हुआ। संस्थान की निदेशक शबनम कोमल ने इसका शुभारंभ किया। शबनम कोमल ने कहा कि मशरूम की खेती कम लागत में अधिक आय का साधन है। यह ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतर विकल्प है। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने की सलाह दी। इस बैच में अब तक 25 सदस्य जुड़े हैं। इनमें 20 पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम की खेती की वैज्ञानिक तकनीकें सिखाई जाएंगी। इसमें बीज तैयार करना, देखभाल और विपणन के गुर शामिल हैं। संवाद