इनक्यूबेटर के साथ प्रशिक्षु इंजीनियर।
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हिमाचल प्रदेश के आईआईटी मंडी के प्रशिक्षु इंजीनियरों ने कम कीमत पर नेऑनटॉल इनक्यूबेटर तैयार किया है। यह नेऑनटॉल इनक्यूबेटर नौ माह से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को मां की कोख जैसा वातावरण देगा और जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए तैयार किया गया है। नवजात बच्चों के लिए जरूरी तापमान को 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक बनाए रखने में यह सक्षम है। एक माह से कम उम्र के बच्चे को थर्मल शॉक से बचाने के लिए पूरी तरह से 37.6 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता रहती है।
इसकी खास बात यह है कि यह बहुत ही कम कॉस्ट का नेऑनटॉल इनक्यूबेटर बनाया है। बड़े अस्पतालों में ही जहां इनकी सुविधा मिल पाती है। अब इससे ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों तक भी पहुंच हो सकेगी। इसकी मशीन की कीमत आमतौर पर आठ से दस लाख रुपये होती है, लेकिन प्रशिक्षु इंजीनियरों ने बहुत ही कम कीमत पर इसको तैयार किया है और इसको प्राथमिक केंद्रों तक पहुंचाने का अपना लक्ष्य बनाया है। इसमें दो यूनिट लगे हैं। एक टेंपरेचर यूनिट और दूसरा ह्यूमिनिटी यूनिट।
जहां पर बच्चा सोता है वहां पर टेंपरेचर यूनिट होता है और जहां से पाइप लगी होती है वहां पर ह्यूमिनिटी यूनिट लगी होती है। दोनों यूनिट को एप से संचालित किया जाता है। यह इस तरह का अभी तक पहला प्रोटोटाइप है जो कि 30 हजार की कीमत में तैयार किया गया है। अब इसका फाइनल वर्जन तैयार किया जा रहा है जिसके लिए टीम दिन रात रिसर्च कर रही है। टीम के मुताबिक दूसरा और अंतिम वर्जन करीब एक लाख की कीमत में तैयार हो जाएगा।
इन्होंने बनाया इनक्यूबेटर
इस नेऑनटॉल इनक्यूबेटर को आईआईटी के बीटेक सेकेंड ईयर मैकेनिकल इंजीनियरिंग के केशव, बीटेक सेकेंड ईयर कंप्यूटर साइंस के हरि रमानी और मोहित कुमार ने बनाया है। इनका मार्गदर्शन सहायक प्रोफेसर डॉ. गजेंद्र सिंह ने किया। इन प्रशिक्षु इंजीनियरों ने मॉडल को एस20जी 20 में चल रही प्रदर्शित किया और राज्यपाल को भी दिखाया। राज्यपाल ने सराहना कर बधाई दी।
अधिक जरूरी है यह नेऑनटॉल इनक्यूबेटर
हिमाचल का औसतन तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रहता है और केलांग जैस जिलों में तो यह माइनस 8.2 डिग्री तक भी पहुंच जाता है। यह मशीन आवश्यक तापमान बनाए रखने में सक्षम होगी। इसकी सबसे अधिक विशेषता यह है कि इसे स्थानांतरण के समय स्ट्रेचर में भी स्थापित किया जा सकेगा। यह शिशु के लिए एंबुलेंस सुविधाओं में उपयोग होगा। इसके साथ ही 55 और 60 डिग्री के बीच सापेक्ष आर्द्रता बनाए रखता है। इसको रिमोट के माध्यम से दुनियाभर में कहीं पर भी नियंत्रित किया जा सकेगा। बिना इनक्यूबेटर को खोले ही बच्चे तक पहुंचा जा सकता है।