कोई नहीं निभा सका राजधानी शिमला को जाम मुक्त करने का वादा

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विश्वास भारद्वाज/अमर उजाला, शिमला

traffic jam problem in shimla city

राजधानी शिमला में ट्रैफिक की समस्या लगातार विकराल होती जा रही है। शिमला शहर में जगह-जगह यातायात जाम लगना आम हो गया है। शहर में सैलानियों की आमद बढ़ते ही सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। गर्मियों और सर्दियों में टूरिस्ट सीजन के दौरान वाहन रेंगने को मजबूर हो जाते हैं। शिमला में प्रवेश करते ही सैलानी जाम में फंस जाते हैं। घंटों जाम में फंसे रहने के बाद सैलानी दोबारा न तो खुद शिमला आते हैं और न ही किसी और को शिमला जाने की सलाह देते हैं। शिमला शहर में रोजाना लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पर्यटक सीजन में हालात बेहद गंभीर हो जाते हैं। लोगों को घरों से दफ्तर पहुंचने में ही कई घंटे लग जाते हैं। शाम को घर पहुंचने के लिए भी घंटों जाम से जूझना पड़ता है। ट्रैफिक की समस्या पर हाईकोर्ट भी गंभीर यातायात जाम को लेकर हाईकोर्ट भी गंभीर है। प्रदेश हाईकोर्ट एक कमेटी का गठन कर शहर में ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए कड़े कदम उठाने के आदेश दे चुका है। कोर्ट ने सरकार को 103 टनल से लोकल बस स्टैंड (गुरुद्वारा साहिब) तक एलिवेटेड रोड बनाने पर विचार करने के भी आदेश दिए हैं। सैलानियों को सर्कुलर रोड से मालरोड तक पहुंचाने के लिए हाईकोर्ट ने फ्लाई ओवर बनाने की संभावना तलाशने के भी आदेश दिए हैं। खलीणी, ताराहाल और संजौली में भी यातायात समस्या के समाधान के लिए विकल्पों पर विचार करने को कहा है।  पार्किंग के बिना गाड़ी का पंजीकरण बंद हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राजधानी शिमला में गाड़ियों की लगातार बढ़ रही संख्या को नियंत्रित करने के लिए गाड़ी के पंजीकरण से पहले पार्किंग स्पेस दिखाना अनिवार्य कर दिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद गाड़ियों की खरीद में कुछ कमी आई है। शहर में करीब अस्सी हजार गाड़ियां पंजीकृत हैं। अधिकतर गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी होती हैं, जिससे सड़क तंग होने के कारण जाम की समस्या पेश आती है। दो साल से चौड़ा नहीं हुआ सर्कुलर रोड शहर की लाइफ लाइन सर्कुलर रोड को चौड़ा करने के लिए सरकार बीते साल जनवरी माह से प्रयास कर रही है लेकिन दो साल बीतने को आ गए, लेकिन सड़क चौड़ी करने का काम पूरा नहीं हो पाया है। सड़क चौड़ी करने के लिए प्वाइंट चिन्हित किए गए थे। हिल साइड में कटान करने और खाई वाली जगह डंगे लगाने के लिए 70 प्वाइंट चिन्हित किए गए। लैंड क्लीयरेंस और फारेस्ट क्लीयरेंस में मामला कई महीने लटका रहा। बावजूद इसके ऐसे स्थानों पर जहां काम शुरू कर दिया गया था लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है।  वैकल्पिक सड़क निकालने की योजना हवा-हवाई  सर्कुलर रोड को चौड़ा करने के साथ-साथ शहर में कई जगहों पर नई सड़कें बनाने के लिए भी सालों से कागजों में संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। होटल हॉलीडे होम के पास से टूटीकंडी बाईपास दाड़नी बगीचे के लिए सड़क बनाना प्रस्तावित है। सर्कुलर रोड पर जाम की समस्या के समाधान के लिए यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, लेकिन सालों बीतने के बाद भी सड़क का काम शुरू नहीं हुआ। एनओसी न मिलने से लेट हुआ काम एनजीटी की ओर से लगाया गया स्टे अभी हाल ही में हटा है, जिसके बाद काम तेज कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ जगहों पर भूमि अधिग्रहण विशेषकर सीपीडब्ल्यूडी और रेलवे से एनओसी न मिलने के कारण भी काम शुरू नहीं हो पा रहा था। - कुलदीप रॉव, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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