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Shimla News: बालूगंज पहाड़ी ढहने के बाद यातायात ठप, पानी भी नहीं

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राजधानी के बालूगंज में रात को ढहे पहाड़ी के बड़े हिस्से के कारण बालूगंज क्रॉसिंग सड़क तीसरे दिन भी बंद रही। पानी के पाइप टूटने से यहां करीब दो हजार परिवारों की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। लोगों को बाया चक्कर होकर शिमला आना पड़ रहा है।बालूगंज-विधानसभा पैदल मार्ग ढह चुका है। इससे लोगों की दिक्कतें दोगुना हो गई हैं। संवाददाता हर्षित शर्मा ने मौके का जायजा लिया। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट:-
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के बालूगंज में ढहे पहाड़ी के एक बड़े हिस्से के कारण बुधवार को भी बालूगंज क्रॉसिंग सड़क पूरी तरह बंद रही।
भूस्खलन से पेयजल पाइपलाइन टूट गई है जिससे 2,000 घरों को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। इसके अलावा बालूगंज-विधानसभा सड़क भी बंद है। इस सड़क का करीब 60 मीटर हिस्सा ढहकर 200 मीटर नीचे बालूगंज क्रॉसिंग पर पहुंच गया है। बालूगंज में मंगलवार रात करीब 9 बजे पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया था। लोगों भूस्खलन के बाद बालूगंज क्रॉसिंग की सड़क पूरी तरह मलबे से ढक गई है। वर्षा जल निकासी की नाली भी पूरी तरह से गायब हो गई है, जिससे पानी का बहाव अवरुद्ध हो रहा है। भूस्खलन के साथ पांच पेड़ भी गिरे हैं जिन्हें हटाने का काम जारी है। भूस्खलन के बाद से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया है। सड़क के किनारे लगे चार विद्युत पोल गिर गए हैं, जिससे वाइस रीगल एलटी लाइन ठप पड़ी है


पहले रोक दिया था यातायात : ओम सिंह
पुलिस कांस्टेबल ओम सिंह ने बताया कि रात को जब भूस्खलन हुआ तो वह मौके पर मौजूद थे। पहले पत्थर गिरना शुरू हुए तो वाहनों को दोनों तरफ दूर ही रोक दिया था ताकि कोई हादसा न हो। इसके बाद पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा बिजली के खंभों के साथ की नीचे की तरफ गिर गया। बिजली तार से इस दौरान भयानक चिंगारियां भी निकलीं। भूस्खलन रुकने के बाद यातायात शुरू किया गया।
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30 साल में नहीं देखी ऐसी घटना
स्थानीय निवासी रमेश ने बताया कि वह 30 सालों से बालूगंज में रह रहे हैं लेकिन इस तरह की घटना कभी नहीं देखी। सड़कों के बंद होने से बहुत दिक्कतें हो रही हैं। बालुगंज से एडवांस्ड स्टडीज को जाने वाले पैदल रास्ते को बंद कर दिया है, जिससे हालात और कठिन हो गए हैं।





बसों की कमी हो रही है दिक्कत
शंकरी देवी ने कहा कि बसों का इंतजार करना बहुत मुश्किल हो गया है। पहले सरकारी और निजी बसें चलती थीं लेकिन सड़कों के बंद होने के बाद अब केवल समरहिल से आने वाली बसों में ही बाया चक्कर होकर शिमला आना पड़ रहा है। कपिल ने कहा कि मेरा घर भूस्खलन की जगह से केवल पांच मिनट की दूरी पर है, लेकिन अब मुझे समरहिल होकर या फिर चक्कर होकर जाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने और काम पर जाने में हो रही है। नितिक ने कहा कि मुझे कॉलेज जाने के लिए पहले बालूगंज से कृषि निदेशालय होकर क्रॉसिंग उतरना पड़ा और फिर वहां से बस लेनी पड़ी। समरहिल से पहले ही बसें भरकर आ रही थीं। कॉलेज आधे घंटे देरी से पहुंचा।
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