विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल ट्रैक पर आईआरसीटीसी के मार्फत सैलानियों के लिए सीटी 12,13 और एसएलआर कोच से लैस विशेष पर्यटक चार्टर ट्रेन चलाई जाएगी। मार्च से लेकर दिसंबर तक कुछ खास मौकों पर ट्रेन का संचालन होगा। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों का परंपरागत तरीके से स्टेशन पर स्वागत होगा और बड़ोग स्टेशन पर लंच की भी व्यवस्था रहेगी।
शिमला-कालका रेललाइन विश्व धरोहर का दर्जा पाने वाली तीसरी रेललाइन है। 10 जुलाई, 2008 को यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर का दर्जा दिया है।1903 में बिछाई गई 96 किलोमीटर कालका-शिमला रेललाइन में 102 सुरंगें, 800 पुल, 919 मोड़ और 18 रेलवे स्टेशन हैं। समुद्र तल से ट्रैक की ऊंचाई 2800 से लेकर 7 हजार फुट है।