जुन्गा की सात पंचायतों में ओलावृष्टि खेतों में खत्म हो गए पौधे, किसान बोले-बीज का खर्च भी नहीं निकलेगा
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ओलावृष्टि की तीन इंच तक मोटी जम गई थी परत
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। ओलावृष्टि से जुन्गा तहसील की पंचायत कोटी, जुन्गा, पधेची, दरभोग, सतलाई, पीरन और बलोग में नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
कोटी पंचायत के फनेवट गांव के किसान कृष्ण दत्त शर्मा, यशपाल ठाकुर, चुन्नी लाल नेगी, रामस्वरूप ने बताया कि बीते रोज इस क्षेत्र में ओलावृष्टि की तीन इंच तक मोटी परत जम गई थी। इससे टिक्करी, ठांठिया, बणी, फनेवट और शवालठी गांव मेें फ्रासबीन, आलू, फूलगोभी और मटर की फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। इन क्षेत्रों में ओले गिरने से सेब पर लगे फूल और जालियां भी टूट कर नष्ट हो गईं। इनका कहना है कि नकदी फसलें किसानों की आय का एकमात्र साधन है लेकिन भारी ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जुन्गा के गांव खील कजेवड़ा, बणकटी, टिक्करी, गवाणा में भी बीते रोज भारी ओलावृष्टि से किसानों की नकदी फसलें तबाह हो गई हैं। खील कजेवड़ा के दुर्गा सिंह ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष किसानों को फसल के बीज की कीमत भी नहीं मिल पाएगी। पंचायत दरभोग के गांव कटैंया मझार, सेर डगोण, कूफटू तथा सतलाई पंचायत के अनेक गांव में भी ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। दरभोग पंचायत के कृष्णा नंद शर्मा, ओम प्रकाश, वेद प्रकाश ने बताया कि उनके क्षेत्र में टमाटर, शिमला मिर्च, फ्रांसबीन, फूलगोभी और बंद गोभी की फसलें नष्ट हो गईं हैं। किसानों ने सरकार से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। नायब तहसीलदार जुन्गा राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि जुन्गा तहसील में भारी ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी है।