अमर उजाला से खास बातचीत में पद्मश्री चरणजीत सिंह ने कहा कि दोनों टीमों का सेमीफाइनल में पहुंचना उनके लिए खुशी भरा लम्हा है। पुरुषों में इस समय आस्ट्रेलिया टीम सबसे मजबूत दिख रही है, लेकिन भारत उलटफेर कर सकता है।
1964 के मास्को ओलंपिक में देश को स्वर्ण पदक जिताने वाले हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के चरणजीत सिंह मानते हैं कि मेडल के लिए इस बार महिला हॉकी टीम का राह आसान दिख रही है। पुरुषों के लिए चुनौती आसान नहीं है। दोनों टीमों के अब तक के प्रदर्शन पर पूर्व ओलंपियन ने कहा कि कई सालों बाद टीमों ने पुराना प्रदर्शन दोहराया है। खासकर पुरुष टीम ने। उन्हें उम्मीद है कि बेल्जियम की बाधा को भी पुरुष टीम पार कर लेगी। उम्मीद है कि पुरुष टीम भी मेडल लाएगी।
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अमर उजाला से खास बातचीत में पद्मश्री चरणजीत सिंह ने कहा कि दोनों टीमों का सेमीफाइनल में पहुंचना उनके लिए खुशी भरा लम्हा है। पुरुषों में इस समय आस्ट्रेलिया टीम सबसे मजबूत दिख रही है, लेकिन भारत उलटफेर कर सकता है। अब तक प्रदर्शन के बाद लग रहा है कि भारतीय महिला टीम मेडल के साथ भारत लौटेगी। भारत की स्थिति लंबे अरसे के बाद हाकी में ओलंपिक में मजबूत दिख रही है।
संयोग: टोक्यो ओलंपिक में भारत ने जीता था गोल्ड
इस बार संयोग यह है कि साल 1964 में टोक्यो में ही ओलंपिक खेलें हुई थी। इन खेलों में चरणजीत सिंह की अगुवाई में भारत की टीम ने गोल्ड जीता था। इस बार भी टोक्यो में ओलंपिक खेलें हो रही हैं। भारत गोल्ड जीतने से महज दो कदम दूरी पर है। देखना होगा कि क्या टोक्यो का संयोग भारत के लिए मेडल जिताएगा।
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94 साल की उम्र में जर्सी पहन नियमित देखते हैं हॉकी मैच
94 साल की उम्र में भी चरणजीत सिंह का हॉकी के प्रति लगाव देखते ही बनता है। वे हॉकी का हर मैच देख रहे हैं। भारत का हौसला बढ़ाने के लिए वे टीम इंडिया की जर्सी पहनकर मैच देखते हैं।