टोक्यो ओलंपिक-2021 के लिए क्वालीफाई करने वाले आशीष चौधरी ने गत वर्ष इंडोनेशिया के बॉक्सर को 75 किलोग्राम भार वर्ग में 5-0 से पराजित कर ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का अपने स्वर्गीय पिता का सपना पूरा किया है। जब मार्च 2020 को ओलंपिक में आशीष ने क्वालीफाई किया था, तो उसके पिता के देहांत को महज एक ही माह हुआ था। लेकिन आशीष ने हौसले को टूटने नहीं दिया। आशीष चौधरी का कहना है कि वह ओलंपिक में देश के लिए मेडल लाकर पिता का दूसरा सपना भी पूरा करेंगे।
सुंदरनगर से स्कूली और एमएलएसएम कॉलेज से स्नातक करने वाले आशीष वर्तमान में तहसील कल्याण अधिकारी के पद पर धर्मपुर में कार्यरत हैं। 8 जुलाई 1994 को स्व.भगत राम डोगरा के घर जन्मे आशीष चौधरी ने 9 वर्ष की उम्र में हाथों में बॉक्सिंग ग्लव्स पहन लिए थे। वह एमएलएसएम कॉलेज में कोच नरेश वर्मा के पास कोचिंग लेने जाते थे। आशीष चौधरी हिमाचल प्रदेश के पहले बॉक्सर हैं, जो ओलंपिक में खेलेंगे।
आशीष चौधरी पूर्व में नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में रजत, इंडोनेशिया में हुई एशिया टेस्ट इवेंट इंटरनेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत चुके है। आर्मी स्पोर्ट्स संस्थान पुणे में हुई सीनियर राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भी आशीष ने कांस्य जीता था। इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन में 21वीं इंटरनेशनल बॉक्सिंग, रसिया में 10वीं इंटरनेशनल बॉक्सिंग, राउंड रोबिन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट, विश्व सीरीज आफ बॉक्सिंग, इंडिया ओपन इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भी वह भाग ले चुके हैं। वह बुल्गारिया में हुए 70वें स्ट्रेंडजा कप और प्रेजिडेंट कप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
देश का मान बढ़ाएंगे आशीष: दुर्गा देवी
माता दुर्गा देवी का कहना है कि आशीष ने गत वर्ष टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर पूरे देश में प्रदेश व परिवार का नाम रोशन किया है। वह पिछले एक साल से लगातार कड़ा अभ्यास जारी रखे हुए हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि आशीष अपना पूरा दमखम दिखाते हुए टोक्यो से मेडल लाकर देश का मान बढ़ाएगा।