कैंसर के इलाज को लेकर परास्नातक डॉक्टरों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन रविवार को होटल होलीडे होम में हुआ।
आईजीएमसी के क्षेत्रीय कैंसर केंद्र के रेडियोथैरेपी और ओंकोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में देश भर से आए विकिरण थैरेपी विशेषज्ञों ने कैं सर ट्रीटमेंट तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान फूड पाइप का कैंसर, गर्भाश्य के कैंसर, एनल कैनाल और यूरिनल ब्लेडर के कैंसर के आपरेशन की योजना और बाद की चुनौतियों के बारे में चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने ‘2डी और 3डी विकिरण थैरेपी’ के बारे में जानकारी दी और मरीज को विकिरण देने की विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में बताया।
टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई के डॉ. उमेश, पीजीआईएमईआर के एससी शर्मा, एससीजी ओंकोलॉजी केंद्र बंगलूरू के डॉ. रमेश, गुजरात कैंसर केंद्र अहमदाबाद के निदेशक डॉ. राकेश व्यास, अपोलो अस्पताल के डॉ. विजय रेड्डी, डॉ. कौशिक, आईजीएमसी के रेडियोलॉजी और ओंकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार सीम और डॉ. मनोज गुप्ता कार्यशाला में मौजूद रहे।
डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में पूरे देश भर से आए 90 से ज्यादा एमडी रेडियोथैरेपी और डीएनबी के परा स्नातक छात्रों ने प्रशिक्षण लिया।