स्टॉल में ‘मासिकी भस्म चूल्हा’ भी रखा गया है जिसमें महिलाएं नैपकिन को भस्म कर सकती हैं। किन्नौरी स्वयं सहायता समूह नग्गर से अभी तक सिर्फ 11 महिलाएं जुड़ी हैं, जिन्होंने घर के कबाड़ से बेहतर वस्तुएं तैयार की हैं। स्टॉल संचालिका सुमिता, दविना और मेघा ने बताया कि उन्हें घर के कबाड़ से ऐसे उत्पाद बनाने का आइडिया बीडीओ नग्गर कल्याणी गुप्ता ने दिया है।
फूलदान, आसन और कुशन भी कर रहे लोगों को आकर्षित
मेले में प्लास्टिक व शीशे की बेकार बोतलों से फूलदान, महिलाओं के पुराने दुपट्टे से बैठने के लिए आकर्षक आसन तैयार किए गए हैं। इसके अलावा दर्जी के कटिंग के बाद रहने वाले बेकार छोटे कपड़ों से भी छोटे कुशन बनाए गए हैं।