बागवानों को बाजार से खरीदने पड़ रहे कवकनाशक
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले के ऊपरी इलाकों में सेब के पौधों में फैल रही बीमारी की रोकथाम के लिए कवनाशक मंगवाने के लिए उद्यान विभाग के पास बजट कम पड़ गया है।
सेब के पौधों में फैल रही बीमारी को खत्म करने के लिए दवाओं का समय पर छिड़काव करना जरूरी है। जिले में स्थित उद्यान विभाग के विक्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में दवाइयां न मिलने से बागवानों को मजबूरन निजी केंद्रों से महंगी दरों पर खरीदनी पड़ रही हैं। कोटगढ़ के बागवान सुरेंद्र भलैक ने बताया कि उनके क्षेत्र में मौजूद विक्रय केंद्रों में जुलाई के शुरुआत में अवतार कवकनाशक की सप्लाई पहुंची थी जिसकी मात्रा बहुत कम होने से वह कुछ ही दिनों में समाप्त हो गई। बगीचों में अल्टरनेरिया आदि रोग फैल रहे हैं।
उद्यान विभाग शिमला के वरिष्ठ पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार ने बताया कि उनके पास कवकनाशक खरीदने के लिए बजट नहीं है। इनके पास जितना बजट था, उससे करीब पांच हजार किलो कवकनाशक की खरीद की थी। अब दोबारा बागवानों की कवकनाशक को लेकर मांग बढ़ने लगी है। इसके लिए उन्होंने दोबारा विभाग से पैसा मांगा है। बजट आते ही बागवानों को कवकनाशक खरीदकर उपलब्ध करवा दी जाएगी।
कोट
जिले के विक्रय केंद्रों पर अभी तक दो बार कवकनाशक की आपूर्ति भेजी है। उद्यान विभाग के पास वरिष्ठ पौध संरक्षण अधिकारी की ओर से दोबारा सप्लाई आने पर उसे भी जल्द विक्रय केंद्रों में भेज दिया जाएगा।
-नरदेव कुमार ठाकुर, उपनिदेशक, उद्यान विभाग शिमला