फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: भूस्खलन से ढह गया तीन मंजिला मकान, गाड़ी भी मलबे में दबी, फर्ज निभाते रहे सिपाही अशोक

Fri, 18 Aug 2023 11:01 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

प्रदेश में आपदा की इस विकट घड़ी में पुलिस के जवान अपने निजी जीवन को दरकिनार कर राहत व पुनर्वास मुहिम में मुस्तैदी से डटे हैं। घर-परिवार की परवाह किए बिना ये जवान अपने फर्ज और ड्यूटी को बखूबी निभा रहे हैं। 
विज्ञापन
पुलिस कांस्टेबल अशोक गुलेरिया। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश में आपदा की इस विकट घड़ी में पुलिस के जवान अपने निजी जीवन को दरकिनार कर राहत व पुनर्वास मुहिम में मुस्तैदी से डटे हैं। घर-परिवार की परवाह किए बिना ये जवान अपने फर्ज और ड्यूटी को बखूबी निभा रहे हैं। सरकाघाट के पुलिस जवान अशोक गुलेरिया इसका जीता जागता उदाहरण हैं। आपदा में गाढ़ी कमाई से खड़ा किया उनका आशियाना तिनके की तरह ढह गया लेकिन, अशोक राजधानी शिमला के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी पर डटे रहकर अपना फर्ज निभाते रहे। 17 सालों से पुलिस महकमे के जरिये जन सेवा में सक्रिय अशोक गुलेरिया ने अपनी जीवनभर की पूंजी लगाकर तीन मंजिला मकान बनाया था। इस बार बारिश के कहर से वह तिनकों की तरह बिखर गया।

विज्ञापन


उनकी गाड़ी भी मलबे में दब कर चकनाचूर हो गई। राहत की बात यह रही कि उनके परिजन आपदा में सुरक्षित बच गए। आपदा की इस बड़ी मार से विचलित हुए बिना अशोक गुलेरिया शिमला में राहत व पुनर्वास के मोर्चे पर डटे रहकर फर्ज निभाने को तत्पर रहे। बकौल, अशोक तीस सालों में पाई-पाई जोड़कर मकान बनाया था। कई सपने संजोए थे, मगर सब कुछ बिखर गया है। इस विकट स्थिति में घर-परिवार से पहले फर्ज उनकी प्राथमिकता है। अशोक का पत्नी और दो बच्चों समेत भरा-पूरा परिवार है। उधर, अशोक के भाई अश्वनी गुलेरिया का मकान भी खतरे की जद्द में है।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें