सेंटर फॉर स्टडी डेवलपमेंट सर्वे के अनुसार पुलिस पर विश्वास में हिमाचल पुलिस प्रथम स्थान पर आई है। पुलिस उच्चाधिकारियों पर विश्वास में भी पुलिस को दूसरा स्थान मिला है। इस बात का खुलासा सचिवालय में डीजीपी एसआर मरडी ने आपराधिक मामलों पर आयोजित बैठक के दौरान कही।
बैठक में पांच जिला सोलन, शिमला, किन्नौर, बद्दी, सिरमौर के एसपी, डीएसपी, एसएचओ सहित अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। शिमला में युवती से बलात्कार के मामले में मरडी ने कहा कि किडनैपिंग और बलात्कार के कोई भी सबूत नहीं मिले हैं।
डीजीपी मरडी ने कहा कि पूरे साल में तीन किलो हेरोइन और 115 किलो चरस को पकड़ने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अपहरण के मामलों में कमी आई है। पांवटा साहिब से 45 हजार डेमाड्रोल के कैप्सूल पकड़े हैं।
पांच जिलों में पिछले वर्ष हत्या के 31 मामले थे जबकि 16 केस दर्ज हैं। वहीं हत्या के प्रयास के पिछले वर्ष 14 मामले थे। जो इस वर्ष बढ़कर 16 तक पहुंच चुके हैं। चोरी के मामलों में गिरावट आई है। बलात्कार के मामले भी कम हुए हैं।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने बताया कि अब ई-चालान को शुरू करेगी जिसमें दो से अधिक बार चालान होने पर तीसरी बार लाइसेंस को रद्द किया जाएगा।
पुलिस कर्मचारियों के उत्थान के लिए खोली 16 कैंटीन
पुलिस कर्मचारियों के उत्थान के लिए प्रदेश में 16 कैंटीन खेली गई हैं। इससे 20 करोड़ रुपये की सालाना सेल होगी। साथ ही तीन कैंटीन और खोलने की तैयारी की जा रही है। इससे 50 हजार परिवारों को लाभ पहुंचेगा।