फिरौती के लिए समुद्री लुटेरों का का अल्टीमेटम खत्म होने से पीड़ित परिवारों की नींद उड़ गई है। सोमवार सुबह से ही सुशील के घर में भय का माहौल रहा। पंचायत और पूरे इलाके में लोग तीनों युवकों की सलामती के लिए प्रार्थना करते रहे।
परिजन पूरा दिन लुटेरों के फोन का इंतजार करते रहे ताकि पता चल सके कि पैसे कैसे और कहां देने हैं। अजय कुमार और पंकज के घर में भी परिजन सलामती की दुआ करते रहे।
सांसद शांता कुमार ने कहा कि उन्होंने सोमवार को कांगड़ा के युवकों को समुद्री लुुटेरों की कैैद से छुड़ाने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को एक और पत्र लिखा है। विदेश मंत्रालय में बात भी की है।
12 मार्च को आई थी कॉल
सुशील कुमार के पिता रघुवीर सिंह के मुताबिक 12 मार्च 2018 को उनके परिवार को नाइजीरिया से उनके बेटे सुशील ने सेटेलाइट से फोन किया। बताया कि समुद्री लुटेरों ने उसका और उसके समूह के दो अन्य हिमाचली सदस्यों का जहाज सहित अपहरण कर लिया है।
24 मार्च को परिवार के सदस्यों को एक और कॉल मिली। इसमें सुशील कुमार ने सूचित किया है कि लुटेरों ने 26 मार्च को फिरौती के भुगतान की मांग की है। चेतावनी दी कि फिरौती की रकम न मिली तो उन्हें मार दिया जाएगा।