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हिमाचल: हर रोज तीन घंटे विद्यार्थियों को व्हाट्सऐप से मिलेगी पाठ्य सामग्री

Tue, 14 Apr 2020 07:50 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में नवीं और 11वीं-12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की घर से पढ़ाई पहले चरण में सिर्फ चार विषयों में शुरू होगी। समय 10 से 12 वाला, हर घर बने पाठशाला अभियान को इन तीन कक्षाओं के एक घंटे के लिए बढ़ाया जाएगा। इन तीन कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रोजाना तीन घंटे सुबह दस से एक बजे तक व्हाट्सऐप से डिजिटल सामग्री भेजी जाएगी। दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने से अभी 11वीं की कक्षाएं शुरू नहीं होंगी। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने इस बाबत सभी जिला उपनिदेशकों और स्कूल प्रिंसिपलों को आदेश जारी कर दिए हैं।

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निदेशक ने बताया कि नवीं और 10वीं कक्षा की विज्ञान, गणित, संस्कृत और अंग्रेजी विषय में अभी डिजिटल शिक्षण सामग्री से पढ़ाई करवाई जाएगी। 12वीं कक्षा की कला संकाय में अंग्रेजी, संस्कृत, राजनीति शास्त्र, कॉमर्स संकाय में अंग्रेजी, अर्थ शास्त्र, गणित और विज्ञान संकाय में अंग्रेजी, गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय की पढ़ाई करवाई जाएगी। निदेशक ने बताया कि अधिकांश बच्चों को व्हाटसऐप ग्रुप से जोड़ लिया गया है। इसके अलावा निदेशालय की वेबसाइट पर भी शिक्षण सामग्री अपलोड कर दी गई है। 

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ई लर्निंग प्रोग्राम की सफलता को जिलावार सौंपा अफसरों को जिम्मा

 ई लर्निंग प्रोग्राम की सफलता के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय के अफसरों को जिला वार जिम्मेवारी सौंपी गई है। अतिरिक्त निदेशक डॉ. सोनिया ठाकुर को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है। इनको स्टेट रिसोर्स ग्रुप के साथ समन्वय बनाने का काम सौंपा गया है। इसके अलावा इन्हें दूरदर्शन और रेडियो से प्रसारित किए जाने वाले पढ़ाई के कार्यक्रमों के देखरेख भी करनी होगी।

अतिरिक्त निदेशक डॉ. राकेश भारद्वाज इस प्रोग्राम की पूरी देखरेख के लिए नोडल अफसर बनाए गए हैं। संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद चौहान को सिरमौर, सोलन, ऊना, डॉ. अशिथ मिश्रा को हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, डॉ. चंद्रेश्वर शर्मा को मंडी, कुल्लू, बिलासपुर और ओएसडी डॉ. अंजु शर्मा को शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिला का जिम्मा सौंपा गया है।

वीडियो कॉलिंग एप्लीकेशन से भी कक्षाएं लगाने की तैयारी
इन तीन कक्षाओं के विद्यार्थियों की जहां पर संभव हो सके वहां वीडियो कालिंग एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की भी तैयारी है। 

दूरदर्शन और रेडियो से भी पढ़ाई करवाने की योजना पर काम जारी
ऐसे विद्यार्थियों जिनके अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं और जिन्हें व्हाटसऐप से नहीं जोड़ा जा सकता है। उनके लिए दूरदर्शन के लोकल चैनल और एफएम पर रेडियो के माध्यम से पढ़ाई करवाने की योजना पर काम इन दिनों चल रहा है। इसके लिए दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ निदेशालय के अधिकारी योजना बनाने में जुटे हुए हैं।
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