मणिमहेश यात्रा से लौटते वक्त महिला समेत तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। मरने वालों में दो जम्मू-कश्मीर जबकि एक श्रद्धालु हरियाणा का था। रेस्क्यू टीम ने तीनों के शवों को रविवार दोपहर बाद तीन बजे भरमौर पहुंचाया। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम किया गया।
श्रद्धालुओं की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा। अतिरिक्त दंडाधिकारी भरमौर विनय धीमान ने बताया कि मणिमहेश ट्रस्ट ने तीनों शवों को घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था कर दी है। मरने वाले श्रद्धालुओं की पहचान प्रमोद कुमार
(56) पुत्र रघुवीर सिंह, निवासी चिरंजीव कालोनी अंबाला रोड कैथल हरियाणा, कांता देवी (60) पत्नी मदन लाल निवासी कच्चा तालाब विभोर कालोनी जम्मू-कश्मीर और संजय (52) पुत्र पन्ना लाल कोतवाल निवासी भटारा तहसील गोदाऊ जिला डोडा जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है।
दो ने गौरीकुंड एक ने हड़सर में दम तोड़ा
कांता व संजय की मौत गौरीकुंड में हुई जबकि प्रमोद कुमार ने हड़सर में दम तोड़ा। प्रमोद अपनी बेटी अंजलि के साथ मणिमहेश यात्रा पर आए थे। झील में स्नान के बाद लौटते वक्त गौरीकुंड में उनकी तबीयत खराब हो गई।
यहां स्वास्थ्य शिविर में दवाई ली और धनछो पहुंचे। रात को धनछो में रुकने के बाद रविवार सुबह प्रमोद की मौत हो गई। अन्य दोनों यात्रियों की मौत भी मणिमहेश से वापसी के दौरान ही हुई है।
मणिमहेश यात्रा में अब तक छह ने गंवाई जान
मणिमहेश में अगस्त माह के दौरान अब तक छह श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इनमें से पहली मौत अगस्त माह के पहले सप्ताह में हुई थी। जब पंजाब से आए श्रद्धालु हड़सर के नजदीक लंगर का सामान लेकर जा रहा था। अचानक उस पर पत्थर गिरे और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
जबकि इसके बाद 23 अगस्त को गुईनाला में जम्मू-कश्मीर के डोडा जिला निवासी बलदेव सिंह की हृदय गति रूकने से मौत हो गई। जबकि 27 अगस्त को डोडा जिला के ही रहने वाले स्वामी राज चौहान की भी अचानक तबीयत खराब होने से मौत हो चुकी है।
इसके अलावा तीन अन्य की मौत 27 व 28 अगस्त को हुई है। जिनमें कांता देवी पत्नी मदन लाल निवासी जम्मू-कश्मीर, संजय कुमार निवासी डोडा जम्मू-कश्मीर व प्रमोद कुमार निवासी हरियाणा शामिल हैं। इनमें से एक यात्री को छोड़ दिया जाए तो अन्य सभी की मौत बीमारी के चलते ही हुई है।