हरियाणा के जींद के संदीप दांडा ने पांवटा में स्ट्रोन क्रशर के लिए आवेदन किया था। उस वक्त राणा पांवटा के एसडीएम थे। विभिन्न विभागों की कमेटी ने आवेदन फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए, लेकिन एसडीएम के साइन नहीं हो सके।
इसी बीच राणा का तबादला हो गया। इसके बाद साइन करने को आवेदक के संपर्क करने पर राणा ने उसे सुलभ अग्रवाल का नंबर देकर बात करने को कहा। अग्रवाल ने एक लाख रुपये की मांग रखी।
इसके बाद संदीप ने विजिलेंस से शिकायत कर दी। विजिलेंस ने तीन टीमें गठित कर सोमवार का दिन पैसे देने को तय किया, लेकिन सुलभ ने खुद पैसे लेने के बजाय अपने परिचित रितेश बंसल को भेजा।
ब्यूरो ने तय प्लान के हिसाब से बंसल को एक लाख रुपये के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। इस बीच दूसरी टीम ने सुलभ और तीसरी टीम ने चंडीगढ़ में बैठे आरोपी एचएएस अधिकारी राणा को धर दबोचा।