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स्पीकर की कुर्सी पर बैठे भाजपा विधायक, 3 सस्पेंड

Thu, 22 Dec 2016 04:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, तपोवन (कांगड़ा)
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के धर्मशाला में चल रहे शीत सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष की तनातनी की गाज तीन विधायकों पर गिरी। सदन में विपक्ष की गैर मौजूदगी में सत्ता पक्ष ने भाजपा के तीन विधायकों सुरेश भारद्वाज, राजीव बिंदल और रणधीर शर्मा को निलंबित करने का प्रस्तावित पारित कर दिया। 
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संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में नियम- 319 के तहत प्रस्ताव रखा कि सदन की अवमानना के आरोप में आरोप में प्रदेश विधानसभा की शेष अवधि तक तीनों विधायकों को निलंबित किया जाए। सदन में सत्ता पक्ष के सदस्यों और निर्दलीय विधायकों ने भी इसका समर्थन करते हुए तीनों भाजपा विधायकों की सस्पेंशन का प्रस्ताव पारित कर दिया। 

भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज स्पीकर की सीट पर बैठकर बोले, हाउस इज एडजर्न्ड फॉर द डे

बुधवार को सदन की बैठक में विपक्ष के शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच स्पीकर ने करीब सवा 12 बजे से 15 मिनट के लिए बैठक स्थगित करने का एलान किया, जिसके बाद ये 12 बजकर 50 मिनट पर दोबारा शुरू की जा रही थी कि स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल के पहुंचने से पहले ही भाजपा के मुख्‍य सचेतक सुरेश भारद्वाज स्पीकर की सीट पर खुद ही बैठ गए।

सुरेश भारद्वाज सीट पर बैठते ही बोले- हाउस इज एडजर्न्ड फॉर द डे। इसी बीच कांग्रेस और भाजपा के अधिकतर विधायक सदन में पहुंच चुके थे। फिर भारद्वाज विपक्षी विधायकों की तरफ चले गए। सुरेश भारद्वाज के सीट से उठने के बाद विधानसभा अध्यक्ष बुटेल इस पर बैठे। इससे पहले कि स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल सदन की बैठक फिर से शुरू करने की बात करते।

नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल समेत तमाम भाजपा विधायक सदन से बाहर चले गए। ये सारी घटना एक नाटकीय अंदाज में हुई। इसके तत्काल बाद स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने चेयर को संबोधित करते हुए कहा कि इससे बड़ा लोकतंत्र का मजाक क्या हो सकता है। आसन पर बैठकर सुरेश भारद्वाज कहते हैं कि हाउस इज एडजर्न्ड फॉर द डे।

विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल बोले, ये बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण

इस पर विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा कि ये बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है। ये जगह ड्रामा करने के लिए नहीं होती है। ये पूरा घटनाक्रम निंदनीय है। सदन के भीतर सदस्यों को सही तरीके से पेश आना चाहिए। बाद में सीएम वीरभद्र सिंह ने भी सदन में इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।

इसके बाद सदन में नोटबंदी पर लाए प्रस्ताव पर बगैर विपक्ष के चर्चा चलती रही, जिस पर सीएम वीरभद्र का जैसे ही जवाब आया तो इसके तत्काल बाद स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने सदन में कहा कि संसदीय कार्य मंत्री एक प्रस्ताव लाना चाहते हैं। संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पहले तो स्पीकर की इजाजत के बगैर कोई चेयर पर बैठ नहीं सकता।

मगर जब डिप्टी स्पीकर जगत सिंह नेगी, आशा कुमारी, कुलदीप कुमार आदि सदन में है तो ऐसे में कोई आसन पर नहीं बैठ सकता। ऐसे में जब मुख्‍यमंत्री चैंबर में नहीं होंगे, कोई उनकी कुर्सी पर बैठ जाएगा। मंत्रियों की कुर्सी पर भी कोई भी बैठ जाएगा। कोई भी मुख्‍य सचिव की कुर्सी पर बैठ जाएगा। सीट के नजदीक जाकर नारेबाजी कर दो अन्य सदस्यों ने आधारहीन नारेबाजी की। दोनों को शीत सत्र की शेष अवधि तक निलंबित किया जाए।

वीरभद्र बोले, ऐसी बेहूदगी कभी नहीं देखी-दंडित करो

सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने विधानसभा और लोकसभा के कार्यकाल में ऐसी बेहूदगी कभी नहीं देखी। भाजपा विधायकों ने सदन की अवमानना की है। स्पीकर के पद और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई है। विपक्ष के नेता दो बार सीएम रह चुके हैं। वे भी इनमें शामिल थे। ये सब प्रेमकुमार धूमल की ही मौजूदगी में हुआ है। 

ये शर्म की बात है। प्रजातंत्र में विरोध होता है, मगर इसे नियमों को ध्यान में रखकर शालीनता से किया जाना चाहिए। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि वे इसकी कड़ी निंदा करते हैं। एक सदस्य स्पीकर की चेयर पर जाकर ही बैठ गया। इससे ज्यादा बेइज्जती क्या हो सकती है। इन्हें दंडित किया चाहिए ताकि भविष्य में इस बेहूदगी को रोका जा सके।

मैं नियमानुसार चेयर पर बैठा: भारद्वाज

भाजपा के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने सदन से बाहर कहा - मैं प्रिजाइडिंग अधिकारी हूं। मैं नियमानुसार चेयर पर बैठ सकता हूं। मैं प्रिजाइडिंग अधिकारी के पैनल में आशा कुमारी के बाद पहले नंबर पर हूं। पहले स्पीकर ने नियमानुसार पंद्रह मिनट तक हाउस एडजॉंर्न करने की बात की और बाद में नहीं किया।

जब पंद्रह मिनट के लिए किया तो पौने घंटे तक सदन में नहीं आए। मैं उस समय आसन पर बैठा, जब भीतर न तो स्पीकर थे, न डिप्टी स्पीकर जगत सिंह नेगी थे और न ही आशा कुमारी। सदन में उस वक्त अधिकतर सदस्य आ चुके थे।

क्रम में मैं आशा कुमारी के बाद प्रिजाइडिंग अधिकारी हूं। मेरे अलावा रणधीर शर्मा और राजीव बिंदल भी चार्जशीट कमेटी के सदस्य हैं। हमारे खिलाफ कार्रवाई इससे भी जोड़कर देखी जा सकती है।

पूर्व स्पीकर बोले, हिमाचल विस की परंपरा को पहुंची ठेस

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर - फोटो : फाइल फोटो
धर्मशाला शीत सत्र के दौरान स्पीकर की कुर्सी पर विधायक के बैठने पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष भी हैरान हैं। उनका कहना है कि यह हिमाचल विधानसभा की परंपरा के अनुरूप नहीं है। ऐसे आज तक नहीं हुआ है। विस अध्यक्ष के कहने पर ही पैनल का सदस्य स्पीकर की सीट पर बैठ सकता है। हिमाचल के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है। 

अनुमति के बाद बैठ सकता सीट पर सदस्य: तुलसीराम
पूर्व विस अध्यक्ष तुलसीराम ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही संचालन के लिए एक पैनल बनता है। इस पैनल में तीन से चार सदस्य रहते हैं। अगर विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष संचालन के दौरान मौजूद नहीं रहते हैं तो पैनल में से एक सदस्य विस अध्यक्ष की सीट पर बैठ सकता है, लेकिन इसके लिए अध्यक्ष की अनुमति लेनी होती है। 

विधानसभा के लिए यह अच्छी परंपरा नहीं: शास्त्री
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राधारमन शास्त्री कहते हैं कि विधानसभा के लिए यह अच्छी परंपरा नहीं है। विस में जो कुछ हो रहा है, वह चिंताजनक है। सदस्यों को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। विधानसभा में आज कल जो कुछ चल रहा है, वह ठीक नहीं है। कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के कहने पर ही सदस्य सीट पर बैठ सकता है। 

बिना अनुमति से सीट पर बैठना चिंताजनक: मुसाफिर
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर बोले, यह बड़ा चिंता का विषय है। विधानसभा के लिए यह अच्छी बात नहीं है। अगर विधानसभा में अध्यक्ष की मौजूदगी नहीं है तो विधानसभा उपाध्यक्ष उनकी अनुमति से सीट पर बैठते हैं। अगर उपाध्यक्ष नहीं है तो पैनल में से एक सदस्य अनुमति के बाद ही सीट पर बैठ सकता है। 
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गलत आरोप लगाने वालों पर कर सकते हैं कार्रवाई: बुटेल

विपक्ष की ओर से विधानसभा सचिव को दिए गए नोटिस पर विधानसभा अध्यक्ष बीबीएल बुटेल ने कहा कि विपक्ष बेबुनियाद बात कर  रहा है। विपक्ष आधारहीन और बिना तथ्यों के आरोप लगा रहा है। विपक्ष की ओर से इस तरह आधाहीन और बिना तथ्यों के आरोप लगाने के चलते हम गलत आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई भी कर सकते हैं। 

सर्वदलीय बैठक बुलाई, मगर बेनतीजा
बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने सदन में गतिरोध तोड़ने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई, मगर ये बेनतीजा रही। इसका असर सदन के भीतर नजर नहीं आया। सवेरे साढे़ नौ बजे हुई इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विपक्ष की ओर से भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज और विधायक रिखीराम कौंडल मौजूद हुए। 

निर्दलीय विधायकों की ओर से बलवीर वर्मा शामिल हुए। सुरेश भारद्वाज ने बताया कि इसमें पहले ही चेता दिया गया था कि पिछले दिन के बिजनेस को दोबारा शामिल करना नियमानुसार नहीं है। इसे हटाया जाए। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की ओर भीतर सहमति जताए जाने के बाद में इसे नहीं हटाने पर ही भाजपा ने विरोध किया।
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