हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर निवारण और उपचारात्मक कदम उठाते हुए अपने स्टाफ के लिए सात निर्देश जारी किए हैं। स्टाफ के तीन बैच बनाने को कहा गया है, जो एक के बाद एक 31 मार्च तक ड्यूटी पर रहेंगे। इससे न तो कोर्ट का कार्य प्रभावित होगा और न ही भीड़ बढ़ेगी।
उपलब्ध स्टाफ में से कम से कम दो कर्मियों का काम होगा कि वह पूरे कोर्ट कांप्लेक्स को निस्संक्रामक करें और यह सुनिश्चित करें कि हर टॉयलेट में लिक्विड साबुन मौजूद हो। टॉयलेट के हर एक नल भी निस्संक्रामक होने चाहिए। कार्यालय से घर पहुंचने पर हर कर्मी को साबुन से नहाने की सलाह भी दी गई है। ड्राइवरों को गाड़ियों के हैंडल व स्टीयरिंग उपयोग के समय निस्संक्रामक करने को कहा गया है।
कोर्ट के सभी दरवाजों के हैंडल, कुर्सियों की बाहें, लिफ्ट के सभी बटन, स्विच, नलके और वह सभी वस्तुएं जिन्हें आगंतुक सामान्य तौर पर छू लेते हैं उन्हें भी दिन में तीन बार सुबह 8 से 9 बजे, दोपहर 12 से 1 व शाम 3 से 4 बजे के बीच निस्संक्रामक करने को कहा गया है। उपरोक्त निस्संक्रमण का का काम करने वाले सभी कर्मियों व ड्राइवरों को दस्ताने व मास्क उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।