शरीर के लिए आवश्यक संतुलित आहार लंबे समय तक नहीं मिलना ही कुपोषण है। कुपोषण से बच्चों और महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे वे आसानी से बीमारियों के शिकार बन जाते हैं।
कुपोषण से मांसपेशियां ढीली होना अथवा सिकुड़ जाना, कार्य करने पर शीघ्र थकान आना, चिड़चिड़ापन, घबराहट होना, चेहरा नीरस, आंखें के चारों ओर काले घेरे बनना, शरीर का वजन कम होना तथा कमजोरी, नींद और पाचन क्रिया का गड़बड़ाना तथा खासकर हाथ-पैर पतले और पेट बढ़ा होना या शरीर में सूजन आना कुपोषण के मुख्य कारण है।