प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी का आकलन पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़ों को आधार बनाकर किया जाता है। इसके लिए ग्रास वैल्यू एडिड यानी सकल मूल्य वर्द्धित से कुल जनसंख्या को विभाजित कर निकाला जाता है। सकल मूल्य वर्द्धित आपूर्ति की तरफ से होने वाली आर्थिक गतिविधि है, जबकि सकल घरेलू उत्पाद उपभोक्ता की तरफ की आर्थिक गतिविधि है। जीवीए को जीडीपी में उत्पादों पर उपदान को शामिल करके और करों को घटाकर निकाला जाता है।
हिमाचल में सबसे बड़ा वर्ग कृषक, ऐसे में कैसे दोगुना होगी किसानों की आमदनी
हिमाचल में सबसे बड़ा वर्ग कृषकों का है। मोदी सरकार किसानों की आमदनी को 2022 तक दोगुना करने का एलान कर चुकी है। अगर प्रति व्यक्ति आय इसी रफ्तार से बढ़ती है तो वर्ष 2022 तक किसानोें की आमदनी दोगुना कैसे होगी। मुख्यमंत्री की कई बजट घोषणाओं और कई केंद्रीय योजनाओं के धरातल पर लागू न होने से ही यह हालात पैदा हो रहे हैं।