इस अवसर पर उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि वैज्ञानिकों को पिछड़े क्षेत्रों पर आधारित परियोजनाओं पर शोध करना चाहिए। मंच पर उपस्थित अतिथियों ने हिमाचल प्रदेश साइंस कांग्रेस के लिए प्राप्त 337 एब्सट्रैक्ट की एक स्मारिका भी जारी की।
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. टिमथी गोन्जाल्विस ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि साइंस कांग्रेस में उद्योग जगत के लिए पैनल डिस्कशन होगा, जिसमें ग्रामीण आबादी तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का लाभ पहुुंचाने पर विचार विमर्श किया जाएगा।
इस अवसर पर उप कुलपति गोविंद पंत कृृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर बल दिया। सम्मेलन में प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के विश्व विद्यालयों से लगभग 600 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इसमें 31 प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं।