प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ोतरी मामले पर सदन में सत्ता पक्ष के साथ तीखी नोकझोंक के बाद विपक्ष ने वाक आउट कर दिया।
आबकारी एवं कराधान मंत्री की ओर से प्रश्न का सही उत्तर न मिलने के आरोप में पहले विपक्ष ने सदन के भीतर नारेबाजी की, उसके बाद विधायक नारेबाजी करते बाहर निकल गए। दो मिनट बाद भाजपा विधायक फिर सदन में प्रवेश हुए।
कुटलैहड़ के भाजपा विधायक वीरेंद्र कंवर ने पूछा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के रेट कम किए हैं। प्रदेश में इस पर वैट बढ़ाया गया है।
क्या प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए वैट को कम किया जाएगा? इस पर प्रकाश चौधरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 57 प्रतिशत की गिरावट आई, पर केंद्र सरकार ने केवल 20 प्रतिशत की ही कमी की।
केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी। जिस कारण प्रदेश में पेट्रोल के दम बढ़े हैं। विधायक वीरेंद्र कंवर के प्रश्न के उत्तर में आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने कहा कि मुझे पंजाब के मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल का फोन आया।
कहने लगे कि पंजाब सरकार वैट बढ़ाने जा रही है। इसके अलावा हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का भी फोन आया। वह भी बोले कि वैट बढ़ाने जा रहे हैं। मैंने कहा कि मुख्यमंत्री की राय लेकर ही कुछ कह सकते हैं।
तीसरे दिन बादल का फोन आया और बोले-हमने बढ़ा दिया। हिमाचल ने इसके बाद वैट बढ़ाया। पर, इसे उनसे बहुत कम बढ़ाया। इसे बढ़ाकर 11.50 प्रतिशत किया।
प्रकाश चौधरी ने कहा कि यह काफी कम है। प्रदेश की आय के स्रोत बढ़ाने को भी यह करना जरूरी है। इसे कम करने का कोई विचार नहीं है। इस पर रविंद्र रवि बोले कि शराब के ठेकों पर क्यों आमदनी नहीं दिखी।
नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि भाजपा के समय में पेट्रोल-डीजल पर वैट बहुत कम था। सरकार को भी इसमें राहत देने के बारे में सोचना चाहिए।
भाजपा विधायक डा. राजीव बिंदल ने कहा कि पेट्रोल पहले 70 रुपये था, केंद्र सरकार ने ही घटाकर 45 रुपये तक किया और यह गलत बात है कि केंद्र के कारण इसके रेट बढे़। विपक्ष इस पर वाकआउट करेगा। यह कहते हुए भाजपा के विधायक सदन से बाहर चले गए।